दिवाली पर पटाखों का धुआं आंखों के लिए खतरा, ऐसे रखें आंखों का ख्याल
दिवाली का त्योहार आते ही चारों तरफ रौनक और उत्साह देखने को मिलता है। घरों में दीपक जलाए जाते हैं, रंग-बिरंगी लाइटों से सजावट होती है और लोग आतिशबाजी का आनंद लेते हैं। हालांकि, इस दौरान निकलने वाला धुआं और पटाखों से उड़ने वाले बारीक कण सेहत के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। खासतौर पर आंखें इनका आसानी से शिकार बनती हैं। आंखों में जलन, खुजली, लालिमा और लगातार पानी आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे लक्षणों को मामूली समझकर टालना ठीक नहीं है। पहले से डायबिटीज या आंखों की बीमारी से जूझ रहे लोगों को इस दौरान ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
पटाखों के धुएं से आंखों को हो सकती है परेशानी
पटाखे जलने के बाद हवा में धुआं, धूल और कई तरह के सूक्ष्म कण फैल जाते हैं। इनके संपर्क में आने से आंखों की बाहरी सतह पर जलन और एलर्जी जैसी दिक्कत हो सकती है। प्रोफेसर डॉक्टर महिपाल सिंह सचदेव (चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली) के अनुसार, त्योहारों के दौरान आंखों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। आतिशबाजी से निकलने वाले प्रदूषक तत्वों के अलावा मेकअप और कॉन्टैक्ट लेंस का गलत इस्तेमाल भी आंखों की परेशानी बढ़ा सकता है।
त्योहार में इन तरीकों से रखें आंखों का ख्याल
दिवाली के दौरान आंखों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ सावधानियां अपनाना जरूरी है।
पटाखे जलाते समय उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और धुएं के सीधे संपर्क में आने से बचें।
आंखों में धूल या धुआं जाने पर उन्हें हाथों से रगड़ने से बचें।
बाहर निकलते समय जरूरत के अनुसार सुरक्षात्मक चश्मे का इस्तेमाल करें।
आंखों में जलन होने पर साफ पानी से हल्के हाथों से धो सकते हैं।
बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी तरह की आई ड्रॉप या दवा इस्तेमाल न करें।
मोबाइल और स्क्रीन से भी आंखों को दें आराम
त्योहारों की भागदौड़ के बीच कई बार लोग मोबाइल और लैपटॉप पर भी काफी समय बिताते हैं। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन, थकान और भारीपन महसूस हो सकता है। इससे बचने के लिए समय-समय पर स्क्रीन से ब्रेक लें। कुछ देर के लिए दूर रखी चीजों को देखें और नियमित रूप से पलकें झपकाते रहें। इसके अलावा रात में पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है, ताकि आंखों को आराम मिल सके।
मेकअप और कॉन्टैक्ट लेंस के इस्तेमाल में बरतें सावधानी
दिवाली पर तैयार होने के लिए आई मेकअप का इस्तेमाल आम है, लेकिन आंखों के आसपास लगाए जाने वाले कॉस्मेटिक्स की गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। अपना मेकअप ब्रश, काजल या अन्य सामान किसी दूसरे के साथ साझा न करें। रात को सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह साफ कर लें। वहीं कॉन्टैक्ट लेंस लगाने वाले लोग उनकी सफाई और इस्तेमाल से जुड़े निर्देशों का पालन करें। गंदे हाथों से लेंस छूने या उन्हें लंबे समय तक लगाए रखने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
आंखों के इन संकेतों को बिल्कुल न करें अनदेखा
अगर आंखों में बार-बार लालिमा आ रही है, दर्द हो रहा है, पानी लगातार निकल रहा है या देखने में परेशानी महसूस हो रही है तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अचानक नजर धुंधली होना, तेज दर्द होना या आंख में चोट लगना आपात स्थिति हो सकती है। ऐसे मामलों में घरेलू उपचार के भरोसे समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। समय पर जांच कराने से समस्या की सही वजह पता लगाने और उचित इलाज शुरू करने में मदद मिलती है।
डायबिटीज और हाई बीपी के मरीज रहें ज्यादा सतर्क
डायबिटीज से पीड़ित लोगों को आंखों की सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा रहने से रेटिना की रक्त वाहिकाएं प्रभावित हो सकती हैं। इस स्थिति को डायबिटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है। इसकी शुरुआती अवस्था में कई बार कोई स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आता। इसी तरह ग्लूकोमा जैसी बीमारी में भी शुरुआत में परेशानी का पता चलना मुश्किल हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर और पहले से आंखों की समस्या वाले लोगों को भी नियमित जांच करानी चाहिए। ब्लड शुगर और बीपी को नियंत्रित रखना तथा डॉक्टर की सलाह के अनुसार आंखों की जांच करवाना बेहद जरूरी है।

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