क्या कुत्तों को सच में दिखाई देता है भूत! असली सच क्या है?

BY-ANJALI SHUKLA 

 

कुत्ते तेज और वफादार होते हैं। उनकी इंद्रिय शक्ति इंसानों से कहीं अधिक होती है। कुछ लोग मानते हैं कि कुत्ते उन चीज़ों को भी महसूस कर सकते हैं जो इंसानी आंखों से अदृश्य हैं।
वैज्ञानिक भूतों के अस्तित्व को मानते नहीं हैं, लेकिन शास्त्रों और पुराणों में भूतों का ज़िक्र मिलता है। इसलिए यह कहना मुश्किल है कि कुत्ते भूत देख सकते हैं या नहीं।

शास्त्रीय दृष्टिकोण क्या कहता है?

मनुस्मृति और पुराणों के अनुसार पशु-पक्षियों की इंद्रियां इंसानों से बहुत अधिक संवेदनशील होती हैं। वे सूक्ष्म तरंगों और ऊर्जाओं को भी महसूस कर सकते हैं।
गरुड़ पुराण कहता है कि मृत्यु के बाद आत्मा सूक्ष्म शरीर में रहती है, जिसे इंसान नहीं देख सकता, लेकिन कुत्ते महसूस कर सकते हैं।

यजुर्वेद में कुत्तों को रक्षक बताया गया है, जो न केवल भौतिक बल्कि अदृश्य शक्तियों से भी रक्षा करते हैं।ज्योतिष और कीवदंतियों के अनुसार कुत्तों को रात में अदृश्य शक्तियां और पितृ दिखाई देते हैं। कभी-कभी नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव से वे भयभीत होकर भौंकते या रोते हैं।

धार्मिक मान्यताएं क्या कहती हैं?

महाभारत में युधिष्ठर की स्वर्ग यात्रा के दौरान उनके साथ एक कुत्ता था, जिसे धर्मराज यम का रूप माना जाता है। इसी कारण कुत्तों को परलोक और अदृश्य शक्तियों से जोड़ा जाने लगा।
शिव पुराण के अनुसार, कुत्ते अक्सर श्मशान और तंत्र-साधना स्थलों के पास दिखाई देते हैं, क्योंकि वे वहां की अदृश्य शक्तियों को महसूस कर सकते हैं।

तंत्र विद्या से जुड़ी मान्याताएं

तंत्र शास्त्र के अनुसार कुत्ते सूक्ष्म जगत के द्वारपाल माने जाते हैं। हिंदू धर्म में काल भैरव का वाहन कुत्ता है, जो अदृश्य और नकारात्मक शक्तियों को देख सकता है।कई तांत्रिक परंपराओं में माना जाता है कि यदि कोई कुत्ता लगातार भौंकता या रोता है, तो वहां नकारात्मक आत्माओं या भूत-प्रेत की उपस्थिति हो सकती है।

अघोर तंत्र के अनुसार कुत्ता आत्माओं की ऊर्जा और चाल को सूंघकर पहचान सकता है। शास्त्र, पुराण और तंत्र विद्या तीनों में कुत्तों में अदृश्य शक्तियां देखने की क्षमता बताई गई है। जबकि विज्ञान इसे उनकी तीव्र इंद्रियों से जोड़ता है।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.