भाजपा सरकार का किसान, विरोधी निर्णय - (विष्णु लोधी)

डोंगरगढ़ - छत्तीसगढ़ की ग्रामीण भूमि दरों में की गई 10% से 100% तक की अचानक बढ़ोत्तरी पर छत्तीसगढ़ लोधी समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विष्णु लोधी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि यह निर्णय किसानों, गरीबों, भूमिहीनों, युवाओं और ग्रामीण परिवारों को सीधा नुकसान पहुंचाने वाला है।

विष्णु लोधी ने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद से ही ग्रामीण क्षेत्रों के रकबा, पंजीयन दर और गाइडलाइन लगातार बढ़ाई जा रही है, जिससे भूमि खरीदना तो दूर, छोटे किसान अपनी पैतृक जमीन तक बचाने में असमर्थ होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई जिलों में गाइडलाइन दर 40% से 500% तक बढ़ा दी गई, जो ग्रामीण आर्थिक तंत्र पर सीधा हमला है। सरकार ने किसानों को राहत देने के बजाय उनकी कमर तोड़ने का काम किया है। भूमि दरें बढ़ाने से पंजीयन महंगा होगा, खेती-किसानी महंगी होगी, और ग्रामीण युवाओं के रोजगार के अवसर घटेंगे।” — (विष्णु लोधी )उन्होंने कहा कि जहां किसान पहले ही बीज, खाद, डीज़ल, बिजली, कीटनाशक जैसी लागतों से परेशान हैं, वहां भूमि दरों की यह बढ़ोत्तरी उन्हें और गहरी आर्थिक खाई में धकेल देगी। विष्णु लोधी ने यह भी कहा कि 5 डिसिमिल से कम जमीनों पर पंजीयन शुल्क लगाए जाने व छोटे भू-खंडों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से गरीब परिवारों, मजदूरों और अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों के सामने संकट और बढ़ जाएगा। सरकार के इस निर्णय से छोटे किसान अपनी जमीन बेचने-खरीदने में अक्षम हो जाएंगे, ग्रामीण युवाओं के लिए व्यवसाय शुरू करना महंगा होगा, गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार पंजीयन खर्च वहन नहीं कर पाएंगे, अवैध दलाली बढ़ेगी, पारदर्शिता घटेगी, ग्रामीण विकास ठप पड़ जाएगा। विष्णु लोधी ने कहा “एक ओर सरकार रोजगार बढ़ाने की बात करती है, दूसरी ओर ऐसे निर्णय लेकर ग्रामीण युवाओं के हाथ से सभी अवसर छीन रही है। अगर सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करती, तो हजारों परिवारों की आजीविका खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार तुरंत इस निर्णय को वापस ले और किसानों, मजदूरों, युवाओं और ग्रामीण वर्ग को राहत दे, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बचाया जा सके।

रिपोर्टर - महेंद्र शर्मा 

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