पीरियड्स में न करें ये 2 गलतियां, 40-45 की उम्र में दिखता है सेहत पर बुरा असर
पीरियड्स एक पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो सिर्फ महिलाओं की फर्टिलिटी से ही नहीं बल्कि उनकी ओवरऑल हेल्थ से भी जुड़ी होती है। हर महिला का पीरियड्स का अनुभव अलग-अलग होता है। जहां कुछ महिलाओं को ज्यादा परेशानी नहीं होती, वहीं कई को इस दौरान पेट के निचले हिस्से, कमर और पीठ में दर्द, थकान, चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
कई बार इन परेशानियों की वजह हमारी रोज़मर्रा की कुछ गलत आदतें भी हो सकती हैं। अक्सर हमें दादी-नानी की बातें पुरानी या बेकार लगती हैं, लेकिन उनमें से कई आज भी पूरी तरह सही साबित होती हैं। इसी संदर्भ में सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने पीरियड्स के दौरान की जाने वाली दो ऐसी गलतियों के बारे में बताया है, जिनसे महिलाओं को बचना चाहिए।
पीरियड्स के समय शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसकी वजह से ब्लोटिंग की समस्या आम है। इसके अलावा कई महिलाओं में वाटर रिटेंशन भी होने लगता है, जिससे पेट भारी या फूला-फूला सा महसूस होता है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है और पीरियड्स खत्म होने के बाद शरीर धीरे-धीरे फिर से सामान्य हो जाता है। हालांकि, इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है।
आइए जानते हैं कि पीरियड्स के दौरान कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए
हैवी वर्कआउट करना
अक्सर आपने भी सुना होगा कि मां, दादी या नानी पीरियड्स के समय ज्यादा उछलने-कूदने या भारी सामान उठाने से मना करती हैं। भले ही ये बातें हमें आज के समय में पुरानी लगें, लेकिन इनमें सच्चाई होती है। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह के मुताबिक मासिक धर्म के दौरान हैवी वर्कआउट से बचना चाहिए।
उनका कहना है कि इस समय शरीर को कम से कम 2–3 दिन का पूरा आराम चाहिए। भारी एक्सरसाइज की जगह हल्की स्ट्रेचिंग, आसान योगासन या हल्की वॉक करना ज्यादा फायदेमंद रहता है। खासतौर पर पेट की कसरत और वजन उठाने वाली एक्सरसाइज से इस दौरान दूरी बनानी चाहिए, क्योंकि इससे हार्मोनल संतुलन बिगड़ सकता है।श्वेता शाह यह भी बताती हैं कि भले ही तुरंत इसका असर महसूस न हो, लेकिन 40–45 साल की उम्र के बाद इन गलतियों का प्रभाव शरीर पर साफ नजर आने लगता है।
ठंडी चीजें करें अवॉइड
न्यूट्रिशनिस्ट कहती है कि दूसरी गलती है पीरियड्स के दौरान ठंडी चीजें खाना. अगर आपके पीरियड्स चल रहे हो तो इस दौरान भले ही अलग-अलग चीजें खाने की क्रेविंग होती है,
लेकिन कोल्ड कॉफी, आइसक्रीम या फिर किसी भी तरह की कोल्ड ड्रिंक पीने से बचना चाहिए. इससे क्रैम्पस और मूड स्विंग जैसी दिक्कतें ज्यादा बढ़ सकती हैं.
ये बातें भी रखनी चाहिए ध्यान
पीरियड्स के दौरान शरीर को ज्यादा न्यूट्रिएंट्स की जरूरत होती है, इसलिए हेल्दी फूड्स को डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए. खासतौर पर आयरन रिच फूड्स लें. इसके अलावा इस टाइम पाचन भी स्लो हो सकता है तो कोशिश करें कि तली-भुनी चीजें कम खाएं. पीरियड्स में हाइजीन का सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए. जैसे कम से कम 5-6 घंटे में पैड चेंज करते रहना सही रहता है.

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