दोस्तपुर में खून से सनी रहस्यमयी कहानी:

सुलतानपुर - जनपद के दोस्तपुर कस्बे में गुरुवार को जो मंजर सामने आया, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। 15 दिनों से लापता युवक गुड्डू गौतम (35 वर्ष) की लाश उसके ही घर के सामने स्थित तालाब में तैरती हुई मिलने से पूरे दोस्तपुर में अफरा-तफरी और कोहराम मच गया। यह घटना न सिर्फ एक मौत है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और रहस्यमयी परिस्थितियों की भयावह तस्वीर भी पेश कर रही है। मृतक गुड्डू गौतम दोस्तपुर नगर पंचायत के बभनईया पूर्व स्थित गोकुला का रहने वाला था। परिजनों के अनुसार वह 2 जनवरी को रोज़ाना की तरह रोज़ी-रोटी कमाने के लिए घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। जब लगातार संपर्क टूट गया तो परिजनों ने रिश्तेदारों, दोस्तों और आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की। इसके बाद थाना दोस्तपुर में गुमशुदगी की लिखित सूचना भी दी गई, लेकिन पुलिस की सुस्ती के चलते 15 दिन तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। परिवार दिन-रात एक कर गुड्डू की तलाश करता रहा। इसी बीच गुरुवार 15 जनवरी की दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब परिजनों और मोहल्ले के लोगों की नजर घर के ठीक सामने स्थित तालाब में तैरती एक लाश पर पड़ी। लाश देखते ही चीख-पुकार मच गई। जैसे ही शव को बाहर निकाला गया, उसकी पहचान गुड्डू गौतम के रूप में हुई। यह दृश्य इतना भयावह था कि परिजनों के होश उड़ गए, महिलाएं बेसुध हो गईं और पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया।

घटना की खबर आग की तरह पूरे दोस्तपुर कस्बे में फैल गई। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। कस्बेवासियों का कहना है कि जब गुमशुदगी की सूचना समय से दे दी गई थी, तो आखिर तालाब की तलाशी क्यों नहीं ली गई? घर के सामने लाश मिलना कहीं न कहीं गंभीर साजिश की ओर इशारा कर रहा है। सूचना पर पहुंची दोस्तपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। वहीं परिजन और स्थानीय लोग इसे साधारण मौत मानने को तैयार नहीं हैं और हत्या की आशंका जता रहे हैं। इस घटना के बाद दोस्तपुर में डर, गुस्सा और शोक का माहौल है। हर चौराहे, हर गली में एक ही चर्चा है— गुड्डू गौतम की मौत हादसा है या सुनियोजित हत्या? 15 दिनों तक पुलिस आखिर क्या करती रही? अब सबकी नजरें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, लेकिन इतना तय है कि यह मामला अब स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है और दोस्तपुर की जनता सच्चाई सामने आने की मांग कर रही है

संवाददाता - दिनेश सिंह अग्निवंशी

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