सर्दियों में कम पानी पीना बढ़ा सकता है इन बीमारियों का खतरा
सर्दियों में अक्सर लोगों को कम प्यास महसूस होती है, जिससे वे दिन भर पर्याप्त पानी नहीं पी पाते। ठंड के मौसम में पसीना कम निकलता है और शरीर पानी की कमी का अहसास कम करता है, लेकिन यह आदत सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है। शरीर में पानी की कमी सीधे किडनी और यूरिनरी सिस्टम पर असर डालती है।
इस वजह से किडनी में स्टोन बनने का खतरा बढ़ जाता है और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) होने की संभावना भी बढ़ जाती है। आइए जानते हैं कि सर्दियों में पानी कम पीने से किडनी स्टोन और UTI का खतरा क्यों बढ़ता है और इसके सामान्य लक्षण क्या हो सकते हैं।
कम पानी पीना कैसे बढ़ा सकता है किडनी स्टोन और UTI का खतरा?
जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तो पेशाब गाढ़ा हो जाता है. गाढ़े पेशाब में मौजूद मिनरल्स आसानी से बाहर नहीं निकल पाते, जिससे किडनी में पथरी बनने लगती है. वहीं, कम पेशाब होने से बैक्टीरिया यूरिनरी ट्रैक्ट में जमा हो सकते हैं, जिससे UTI का खतरा बढ़ जाता है.
सर्दियों में लोग ठंड की वजह से टॉयलेट कम जाते हैं, जो इस समस्या को और गंभीर बना देता है. लंबे समय तक पानी की कमी रहने पर किडनी पर अधिक दबाव पड़ता है, शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं और संक्रमण की संभावना भी बढ़ जाती है.
क्या हैं लक्षण?
किडनी स्टोन के लक्षणों में कमर या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द, पेशाब में जलन, खून आना और मतली या उल्टी की समस्या शामिल हो सकती है. वहीं UTI होने पर बार-बार पेशाब आना, पेशाब करते समय जलन, बदबूदार या गाढ़ा पेशाब और बुखार महसूस हो सकता है.
महिलाओं, बुजुर्गों, डायबिटीज के मरीजों और पहले से किडनी की समस्या से जूझ रहे लोगों को इसका खतरा ज्यादा रहता है. जो लोग सर्दियों में पानी कम पीते हैं, उन्हें भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.
कैसे करें बचाव
दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं.
प्यास न लगे तब भी पानी पीने की आदत डालें.
गुनगुना पानी पीना फायदेमंद हो सकता है.
पेशाब रोकने से बचें.
सूप और तरल चीजें डाइट में शामिल करें.
बहुत ज्यादा चाय-कॉफी के सेवन से बचें.
पेशाब के रंग पर ध्यान दें, गहरा रंग पानी की कमी का संकेत हो सकता है.
डॉक्टर की सलाह से समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराते रहें.

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