यूपी में अब ऑनलाइन खुलेंगे ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर: पारदर्शिता बढ़ेगी, बिना टेस्ट मिलेगा लाइसेंस-
यूपी में अब ऑनलाइन खुलेंगे ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर: पारदर्शिता बढ़ेगी, बिना टेस्ट मिलेगा लाइसेंस-
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने और ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश में प्रमाणित ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र (एडीटीसी) खोलने की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने घोषणा की है कि इसके लिए एक नया पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जिससे आवेदन से लेकर संचालन तक की निगरानी डिजिटल माध्यम से की जाएगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?-
वर्तमान में प्रदेश के 18 जिलों में केवल 21 केंद्र संचालित हैं। नियमानुसार, प्रति 10 लाख की आबादी पर एक प्रशिक्षण केंद्र होना चाहिए। अब तक यह प्रक्रिया ऑफलाइन थी, जिसमें पारदर्शिता की कमी और समय अधिक लगने की शिकायतें रहती थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'सड़क दुर्घटनाओं में 50% कमी' लाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण को अब वैज्ञानिक और आधुनिक बनाया जा रहा है।
आम जनता को क्या होगा लाभ?-
इन केंद्रों के विस्तार से आम नागरिकों को दोहरे फायदे होंगे:
1. ड्राइविंग टेस्ट से छूट: इन प्रमाणित केंद्रों (ADTC) से सफलतापूर्वक प्रशिक्षण लेने वाले आवेदकों को आरटीओ (RTO) में अलग से ड्राइविंग टेस्ट देने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें सीधे लाइसेंस मिल सकेगा।
2. सुरक्षित ड्राइविंग: यहां ड्राइवरों को वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे सड़क पर अधिक जिम्मेदार और कुशल बनेंगे।
डिजिटल व्यवस्था से आएगी पारदर्शिता-
परिवहन विभाग के अनुसार, प्रदेश के 58 जिलों में नए केंद्रों के लिए पहले ऑफलाइन आवेदन मांगे गए थे, लेकिन अब पूरी व्यवस्था डिजिटल होगी। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से केंद्रों की स्थापना में होने वाली धांधली पर लगाम लगेगी और केवल योग्य संस्थाएं ही यह केंद्र खोल पाएंगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के मानकों के अनुरूप, इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा में सुधार करना और मौतों के आंकड़ों को कम करना है।

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