रानीश्वर में एनजीटी प्रतिबंध के बावजूद कथित अवैध बालू उठाव जारी, जांच और कार्रवाई की मांग

दुमका , झारखंड : गोविंदपुर के बनिया ग्राम और बिलकांदी के सिलाजोड़ी घाट से प्रतिदिन दर्जनों हाइवा बालू परिवहन का आरोप, मजदूर संघ ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन। रानीश्वर/दुमका: रानीश्वर प्रखंड की गोविंदपुर पंचायत स्थित बनिया ग्राम घाट और बिलकांदी पंचायत के सिलाजोड़ी घाट से एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद कथित तौर पर अवैध बालू उठाव जारी रहने का मामला सामने आया है। इस संबंध में मजदूर संघ के प्रभारी जयदेव गोराई ने दुमका उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि दोनों घाटों से प्रतिदिन लगभग 50 हाइवा बालू विभिन्न मार्गों के माध्यम से पश्चिम बंगाल और बिहार भेजा जा रहा है। संघ का कहना है कि पर्यावरणीय नियमों के तहत 15 अक्टूबर तक बालू उठाव पर प्रतिबंध लागू है, इसके बावजूद दिन-रात बालू का खनन और परिवहन किया जा रहा है। आरोप है कि रात के समय भी हाइवा वाहनों के जरिए बालू का परिवहन जारी रहता है।
ग्रामीणों के अनुसार, एक हाइवा बालू की कीमत लगभग 50 हजार रुपये बताई जा रही है, जिससे प्रतिदिन बड़े पैमाने पर राजस्व क्षति होने की आशंका जताई गई है। बताया गया कि बालू लदे वाहन रघुनाथपुर मोड़ होते हुए रानीश्वर थाना रोड से बरमसिया रोड तक तथा दूसरे मार्ग से रानीबाहल मोड़ होकर मसानजोर थाना क्षेत्र और पतावारी की ओर जाते हैं।
संघ प्रभारी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस पेट्रोलिंग वाहन क्षेत्र में सक्रिय रहने के बावजूद अवैध बालू लदे वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। कुछ दिन पूर्व आसनबनी बाजार में ग्रामीणों ने एक हाइवा वाहन को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। कार्रवाई के बाद दो दिनों तक बालू उठाव बंद रहा, लेकिन बाद में फिर से गतिविधियां शुरू होने का दावा किया गया है।
जयदेव गोराई ने कहा कि खनन विभाग के अधिकारियों को कई बार फोन के माध्यम से सूचना देने का प्रयास किया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने 24 सितंबर को दोनों घाटों का निरीक्षण कर तत्काल अवैध उठाव पर रोक लगाने की मांग की है।

संघ के प्रभारी जयदेव गोराई ने प्रशासन और खनन विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा एनजीटी के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।इस संबंध में खनन निरीक्षक का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। समाचार प्रकाशित होने तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई।

रिपोर्टर : शुभंकर नन्दन 

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