रिसाली में जल संकट पर गरजे संजीत विश्वकर्मा, “व्यवस्था फेल—अब नहीं तो कब?”, गीतेश्वरी बघेल के साथ सौंपा ज्ञापन

दुर्ग : गर्मी की शुरुआत होते ही रिसाली नगर निगम क्षेत्र में गहराते जल संकट ने एक बार फिर आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश संगठन मंत्री एवं रिसाली नगर निगम चुनाव प्रभारी संजीत विश्वकर्मा ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए न केवल प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया, बल्कि जनहित में त्वरित कार्रवाई की मांग भी की। उनके नेतृत्व में दुर्ग लोकसभा अध्यक्ष गीतेश्वरी बघेल सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारियों ने नगर निगम आयुक्त को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में स्पष्ट रूप से बताया गया कि रिसाली नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 13 से 21 तथा 32, 33 और 34 में लंबे समय से जल संकट बना हुआ है। गर्मी की शुरुआत के साथ ही यह समस्या और विकराल रूप लेती जा रही है। कई मोहल्लों में लोगों को नियमित रूप से पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी दैनिक जीवनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। घरों तक पानी नहीं पहुंचने के कारण लोगों को पंप के सहारे पानी खींचना पड़ रहा है, लेकिन इससे भी सभी को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता।
संजीत विश्वकर्मा ने इस स्थिति को प्रशासनिक विफलता करार देते हुए कहा कि “हर साल गर्मी के मौसम में यही हालात बनते हैं, लेकिन नगर निगम द्वारा कोई स्थायी समाधान नहीं किया जाता। अगर अभी, जब गर्मी की शुरुआत ही हुई है, तब यह स्थिति है, तो आने वाले महीनों में हालात कितने भयावह होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।” उन्होंने कहा कि यह केवल पानी की समस्या नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पाइपलाइन की ऊंचाई और जल वितरण की अव्यवस्था के कारण पानी का समान रूप से वितरण नहीं हो पा रहा है। कई क्षेत्रों में दबाव कम होने से पानी घरों तक पहुंच ही नहीं पाता, जबकि कुछ स्थानों पर लोग मोटर पंप के जरिए पानी खींच लेते हैं, जिससे अन्य घरों में सप्लाई पूरी तरह बाधित हो जाती है। इसका खामियाजा विशेष रूप से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।
महिलाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए बताया गया कि उन्हें रोजाना दूर-दराज के इलाकों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। कई बार उन्हें सुबह से लेकर देर शाम तक पानी के लिए इंतजार करना पड़ता है। यह स्थिति न केवल शारीरिक रूप से थकाने वाली है, बल्कि सामाजिक रूप से भी चिंताजनक है।
संजीत विश्वकर्मा ने भू-जल स्तर में लगातार गिरावट को भी बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि नहरों में जब तक पानी छोड़ा जाता है, तब तक कुछ हद तक राहत मिलती है, लेकिन जैसे ही नहर का पानी बंद होता है, भू-जल स्तर तेजी से नीचे चला जाता है। इससे हैंडपंप भी जवाब देने लगते हैं और लोगों की निर्भरता पूरी तरह नगर निगम की सप्लाई पर आ जाती है, जो कि पहले से ही अपर्याप्त है।
इस दौरान संजीत विश्वकर्मा ने रिसाली महापौर के हालिया धरने पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग ही धरने पर बैठने लगें, तो यह साफ संकेत है कि नगर निगम की व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। जनता को राहत देने के बजाय केवल दिखावे की राजनीति की जा रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब जागरूक हो चुकी है और समस्याओं का समाधान चाहती है, न कि केवल आश्वासन।
गीतेश्वरी बघेल ने भी निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई बार ज्ञापन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी लोगों को मूलभूत सुविधा जैसे पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने की मांग की।
ज्ञापन में क्षेत्र के तालाबों की बदहाल स्थिति का भी जिक्र किया गया। बताया गया कि अब तक किसी भी तालाब की सफाई नहीं की गई है, जिससे उनमें गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ऐसे में यदि नहर का पानी भी इन तालाबों में आता है, तो वह उपयोग के लायक नहीं रह जाता। मजबूरी में यदि लोग इस पानी का उपयोग करते हैं, तो उन्हें गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है।
आम आदमी पार्टी ने अपनी मांगों में टैंकरों की संख्या बढ़ाने, बंद पड़े वाटर एटीएम को तत्काल चालू करने, नए वाटर एटीएम स्थापित करने और नल-जल योजना के तहत पानी सप्लाई का समय बढ़ाने की बात प्रमुखता से रखी है। विशेष रूप से स्टेशन मरोदा और नेवई मरोदा जैसे क्षेत्रों में नए वाटर एटीएम लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
संजीत विश्वकर्मा ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आम आदमी पार्टी जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल राजनीति की नहीं, बल्कि आम लोगों के हक और अधिकार की है।
इस दौरान गोलू वर्मा वंदेवाल (लोकसभा अध्यक्ष), ज्ञान प्रकाश तिवारी (महासचिव), शिवशरण दुर्ग (उपाध्यक्ष) सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में जल संकट के स्थायी समाधान की मांग करते हुए प्रशासन को जल्द कार्रवाई के लिए चेताया।
कुल मिलाकर, रिसाली नगर निगम क्षेत्र में जल संकट का मुद्दा अब राजनीतिक और जनसरोकार का बड़ा विषय बनता जा रहा है। संजीत विश्वकर्मा के नेतृत्व में उठी यह आवाज आने वाले समय में बड़ा आंदोलन का रूप ले सकती है, यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए।

रिपोर्टर : धर्मेंद्र गुप्ता

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