अंबेडकर जयंती पर मोहन नगर में भव्य ‘दुय्यम कव्वाली’, पार्षद अजीत वैध बने आयोजन के केंद्रबिंदु

दुर्ग : भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर दुर्ग शहर में इस बार एक अनोखा और भव्य सांस्कृतिक आयोजन होने जा रहा है। 15 अप्रैल 2026, बुधवार को वार्ड क्रमांक 12, मोहन नगर पश्चिम में  ‘दुय्यम कव्वाली’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसकी तैयारियां पूरे शहर में जोरों पर हैं। इस आयोजन के मुख्य सूत्रधार और वार्ड 12 के सक्रिय पार्षद अजीत वैध हैं, जो इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने में पूरी ताकत से जुटे हुए हैं।

कार्यक्रम को लेकर शहरभर में विशेष उत्साह का माहौल है। वार्ड 12 ही नहीं, बल्कि दुर्ग के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े-बड़े होर्डिंग्स, बैनर और फ्लेक्स लगाए जा चुके हैं, जो लोगों को कार्यक्रम की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें आमंत्रित भी कर रहे हैं। इन होर्डिंग्स में अंबेडकर जयंती के संदेश के साथ-साथ कार्यक्रम की झलक और सामाजिक समरसता का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यह पूरे आयोजन को एक व्यापक स्वरूप देने का काम कर रहा है।
पार्षद अजीत वैध ने इस आयोजन को सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे सामाजिक जागरूकता और एकता का माध्यम बनाने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि बाबा साहेब के विचार—समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व—आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं और इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को इन मूल्यों से जोड़ने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘दुय्यम कव्वाली’ रहेगा, जिसमें प्रसिद्ध कव्वाल अपनी प्रस्तुति देंगे। सूफी संगीत की मधुर धुनों के साथ सामाजिक संदेशों से भरपूर यह प्रस्तुति दर्शकों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करेगी। आयोजकों का मानना है कि कव्वाली जैसी विधा समाज के हर वर्ग को जोड़ने की ताकत रखती है और इसी माध्यम से भाईचारे का संदेश मजबूत होगा।
अजीत वैध की पहल पर इस आयोजन की तैयारियां काफी सुनियोजित तरीके से की जा रही हैं। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है, जहां प्रकाश व्यवस्था, मंच निर्माण और बैठने की व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन से समन्वय किया गया है, ताकि कार्यक्रम में आने वाले सभी नागरिक सुरक्षित वातावरण में कार्यक्रम का आनंद ले सकें।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति इस कार्यक्रम को और भी गरिमामय बनाएगी। शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी इस आयोजन को अपना समर्थन दिया है, जिससे यह एक सामूहिक प्रयास के रूप में उभरकर सामने आ रहा है।
पार्षद अजीत वैध ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रयास है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार और मित्रों के साथ कार्यक्रम में शामिल होकर इसे सफल बनाएं और सामाजिक समरसता के संदेश को आगे बढ़ाएं।
दुर्ग शहर में इस तरह के आयोजन कम ही देखने को मिलते हैं, जहां संस्कृति, समाज और विचारधारा का इतना सुंदर संगम एक साथ दिखाई देता है। ‘दुय्यम कव्वाली’ का यह आयोजन निश्चित रूप से अंबेडकर जयंती को एक नई पहचान देगा और लोगों के दिलों में एक गहरी छाप छोड़ेगा।
कुल मिलाकर, पार्षद अजीत वैध के नेतृत्व में यह आयोजन न केवल भव्यता की ओर बढ़ रहा है, बल्कि यह भी दर्शा रहा है कि यदि जनप्रतिनिधि इच्छाशक्ति के साथ काम करें तो सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। यह कार्यक्रम आने वाले समय में दुर्ग शहर के लिए एक मिसाल बन सकता है।

रिपोर्टर : धर्मेंद्र गुप्ता

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