बैकुंठ धाम मंदिर में भव्य काव्य गोष्ठी, 40 कवियों ने बांधा समां
दुर्ग : मरौदा नेवई स्थित प्राचीन बैकुंठ धाम मंदिर परिसर में रविवार को भव्य काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सर्वधर्म समभाव के प्रतीक इस मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के साहित्यकारों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि कैलाश बरमेचा, विशिष्ट अतिथि मंजू बरमेचा एवं अध्यक्षता कर रहे प्रदीप भट्टाचार्य सहित अन्य अतिथियों ने सरस्वती वंदना कर आयोजन की शुरुआत की। सरस्वती वंदना की प्रस्तुति कवि मोहम्मद हुसैन माजाहिर रायपुरी ने दी, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम की आयोजिका श्रीमती माला सिंह ने अपनी स्वरचित कविता के माध्यम से अतिथियों का अभिनव स्वागत किया। उनके इस अनूठे अंदाज ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। आयोजन में साहित्य के साथ-साथ समाजसेवा, व्यापार, संगीत एवं खेल के क्षेत्र से जुड़े प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों को भी आमंत्रित किया गया।
मुख्य अतिथि कैलाश बरमेचा ने अपने संबोधन में प्रतिभागियों के योगदान की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। वहीं अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रदीप भट्टाचार्य ने नवोदित कवियों को मंच देने की दिशा में निरंतर प्रयास करने की बात कही। उन्होंने जल्द ही महाविद्यालय स्तर पर साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित करने की भी घोषणा की।
कार्यक्रम का संचालन शायर नवेद रज़ा दुर्गवी ने प्रभावशाली अंदाज में किया। उन्होंने अपनी ग़ज़लों और कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया।
काव्य गोष्ठी में दुर्ग, भिलाई, रायपुर एवं राजनांदगांव से आए लगभग 40 कवियों एवं शायरों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। सभी रचनाकारों ने विविध विषयों पर अपनी कविताओं के माध्यम से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। यह आयोजन दोपहर 2:30 बजे से शाम 7 बजे तक निरंतर चलता रहा।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का सम्मान भी किया गया। मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, अध्यक्ष एवं अन्य प्रमुख अतिथियों को श्रीफल, शॉल एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।
काव्य पाठ करने वाले प्रमुख साहित्यकारों में धनश्याम सोनी, गजेन्द्र द्विवेदी, प्रकाश चन्द्र मंडल, बृजेश मलिक, इस्माईल आज़ाद, सुशील कुमार यादव, डॉ. विजय गुप्ता, शशिप्रभा गुप्ता, टी.आर. कोशरिया, हाजी रियाज़ गौहर, डॉ. नौशाद सिद्दीकी, आशा देवी गुप्ता, नीलम जायसवाल, सतीश शांति मोहन, राकेश गुप्ता, डॉ. यशवंत सूर्यवंशी, सुरेश बंछोर, ओम प्रकाश जायसवाल, डॉ. संजय दानी, फरीदा शाहिन, सोनिया सोनी सहित अन्य साहित्यकार शामिल रहे।
अंत में आयोजिका श्रीमती माला सिंह ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के निरंतर आयोजन का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जिसने साहित्य प्रेमियों के मन में गहरी छाप छोड़ी।
रिपोर्टर : धर्मेंद्र गुप्ता


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