हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का 11वां स्थापना दिवस कल, आयुक्त सत्यनारायण राठौर होंगे मुख्य अतिथि
दुर्ग : हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा 24 अप्रैल 2026 को अपना 11वां स्थापना दिवस समारोह भव्य रूप से मनाया जाएगा। विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2015 में छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के प्रावधानों के तहत हुई थी। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत दुर्ग संभाग के समस्त जिलों को आच्छादित करते हुए युवाओं की उच्च शिक्षा की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है। वर्तमान में विश्वविद्यालय से लगभग 160 महाविद्यालय संबद्ध हैं।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर उपस्थित रहेंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व कुलपति डॉ. अरुणा पलटा एवं प्रथम कुलपति डॉ. एन. पी. दीक्षित शामिल होंगे। इस अवसर पर दुर्ग जिले के शासकीय पी.जी. महाविद्यालयों के प्राचार्य भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
विश्वविद्यालय स्थापना दिवस किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए गौरव, परंपरा और उपलब्धियों का प्रतीक होता है। यह दिन न केवल विश्वविद्यालय की स्थापना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को याद करने का अवसर देता है, बल्कि उसके शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदानों का मूल्यांकन करने का भी महत्वपूर्ण समय होता है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना, ज्ञान का प्रसार करना और समाज के समग्र विकास में योगदान देना है। इस अवसर पर संस्थान अपने संस्थापकों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण करता है।
स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा महाविद्यालयों, प्राचार्यों, सहायक प्राध्यापकों एवं खेल अधिकारियों के लिए सर्वश्रेष्ठ महाविद्यालय पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार एवं सर्वश्रेष्ठ खेल प्रेरक पुरस्कार–2026 हेतु प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों द्वारा लगभग 50 प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चयनित प्रतिभागियों को स्थापना दिवस समारोह में पुरस्कार राशि, प्रमाण पत्र, ट्रॉफी एवं पदक प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजय तिवारी ने कहा कि स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए एक ऐसा अवसर है, जब सभी एक साथ आकर अपनी उपलब्धियों का उत्सव मनाते हैं और भविष्य की योजनाओं पर विचार करते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें प्रेरित करता है कि हम अपने विश्वविद्यालय को और अधिक उत्कृष्ट, सशक्त एवं समाजोपयोगी बनाने के लिए निरंतर प्रयास करें। साथ ही उन्होंने सभी से विश्वविद्यालय की गरिमा और प्रतिष्ठा को बनाए रखते हुए उसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
रिपोर्टर : धर्मेंद्र गुप्ता


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