सर्वसम्मति का विश्वास: अशोक राठी लगातार दूसरी बार बने अध्यक्ष, समाज में मजबूत नेतृत्व की छाप
दुर्ग : माहेश्वरी पंचायत दुर्ग में एक बार फिर संगठनात्मक एकता और आपसी समन्वय की मिसाल देखने को मिली, जब सत्र 2026-2029 के लिए पदाधिकारियों का चयन सर्वसम्मति से संपन्न हुआ। इस निर्वाचन की सबसे खास बात रही कि अशोक राठी ने लगातार दूसरी बार अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करते हुए अपने नेतृत्व पर समाज के अटूट विश्वास को और मजबूत किया।
अशोक राठी का दोबारा अध्यक्ष बनना केवल एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि उनके पिछले कार्यकाल की उपलब्धियों, सक्रियता और समाज के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है। उनके नेतृत्व में पंचायत ने सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में उल्लेखनीय विस्तार किया, जिससे समाज के हर वर्ग में सकारात्मक संदेश गया। यही वजह रही कि इस बार भी उनके नाम पर सर्वसम्मति बनी और बिना किसी विरोध के उन्हें पुनः अध्यक्ष चुना गया।
निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान समाजजनों ने एकता और सौहार्द का परिचय देते हुए सभी प्रमुख पदों पर आपसी सहमति से निर्णय लिया। यह आयोजन न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों का उदाहरण बना, बल्कि समाज के भीतर मजबूत सामंजस्य और परिपक्वता को भी दर्शाता है।
नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष और मंदिर समिति अध्यक्ष के रूप में पंकज राठी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि आनंद राठी और दिनेश टावरी को उपाध्यक्ष पद पर चुना गया। इसके अलावा कोषाध्यक्ष के रूप में मनीष राठी गंजपारा, सचिव पद पर डॉ. शंकर दमानी, संगठन मंत्री के रूप में आनंद चांडक, सह सचिव के रूप में गोपाल राठी, प्रचार-प्रसार प्रभारी के रूप में चंद्रकांत राठी तथा सांस्कृतिक प्रभारी के रूप में राकेश चांडक को मनोनीत किया गया है।
अशोक राठी के नेतृत्व को लेकर समाज के वरिष्ठजनों और सदस्यों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान सभी ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि अशोक राठी के अनुभव और दूरदर्शिता से पंचायत आने वाले समय में सामाजिक, धार्मिक और सेवा कार्यों में नए आयाम स्थापित करेगी।
अध्यक्ष पद संभालने के बाद अशोक राठी ने समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनका लक्ष्य सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने समाज के युवाओं को जोड़ने, सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और जरूरतमंदों की सेवा को प्राथमिकता देने की बात कही।
कुल मिलाकर,यह निर्वाचन केवल पदों का चयन नहीं, बल्कि एक मजबूत और एकजुट समाज की पहचान बनकर उभरा, जिसमें अशोक राठी का नेतृत्व एक केंद्रीय और प्रेरणादायक भूमिका में सामने आया।
रिपोर्टर : धर्मेंद्र गुप्ता
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