कुथरेल में योग के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश, सैकड़ों ग्रामीणों ने लिया स्वस्थ और हरित जीवन का संकल्प
दुर्ग : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जहां पूरा देश योगमय नजर आया, वहीं दुर्ग ग्रामीण के ग्राम कुथरेल में एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। यहां योग के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सैकड़ों ग्रामीणों ने स्वस्थ और हरित जीवन का संकल्प लिया।
शांतिवन प्रखर वेलफेयर फाउंडेशन सोसाइटी द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से प्राणायाम, ध्यान और विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। कार्यक्रम का आयोजन ग्राम के चंद्राकर भवन में किया गया, जहां सुबह से ही सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना रहा।
इस अवसर पर जनपद सभापति लोमस चंद्राकर, ग्राम सरपंच गीता गजपाल और पूर्व सरपंच राजश्री प्रेरणा चंद्राकर सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की।
कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के अनुभवी योग प्रशिक्षक प्रदीप चंद्राकर के निर्देशन में उपस्थित जनसमुदाय ने योग, ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास किया। उन्होंने बताया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति और संतुलित जीवन का मूल आधार है।
इस आयोजन की सबसे खास पहल पर्यावरण संरक्षण को लेकर रही। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक बुके के स्थान पर बादाम के पौधे भेंट कर किया गया। इस पहल ने लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रेमलाल देशमुख ने बताया कि संस्था पिछले तीन वर्षों से लगातार योग दिवस का आयोजन कर रही है और इसके साथ ही पिसेगांव, जंजगिरी और कुथरेल में वृक्षारोपण अभियान भी चला रही है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर के साथ स्वच्छ और हरित पर्यावरण ही बेहतर भविष्य की नींव है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्था के सचिव नागेंद्र चंद्राकर, सहसचिव वेदु साहू, कोषाध्यक्ष किशोर देशमुख सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।
कुल मिलाकर, कुथरेल में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल योग के महत्व को दर्शाता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।
रिपोर्टर : धर्मेंद्र गुप्ता
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