शिक्षा से बड़ा कोई दान नहीं: आकृति फाउंडेशन ने दो जरूरतमंद बच्चों की स्कूल फीस भरकर जगाई नई उम्मीद
दुर्ग : शिक्षा के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए आकृति फाउंडेशन ने एक बार फिर मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया। फाउंडेशन ने आर्थिक रूप से कमजोर दो जरूरतमंद विद्यार्थियों की स्कूल फीस जमा कर उनके भविष्य को नई उड़ान देने का सराहनीय कार्य किया।
दोनों विद्यार्थियों के पालकों द्वारा आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किए गए थे। आवेदनों पर विचार करने के बाद फाउंडेशन ने तत्काल सहायता देने का निर्णय लिया और आज प्रातः 10:30 बजे आयोजित कार्यक्रम में बच्चों की स्कूल फीस हेतु नगद सहयोग प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में फाउंडेशन के संरक्षक कैलाश जैन बरमेचा की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में प्रमुख सलाहकार विजय गुप्ता, अध्यक्ष धर्मेंद्र गुप्ता, सचिव रोहिताश सिंह भुवाल तथा कोषाध्यक्ष दीपमाला सिन्हा शैलेन्द्र साहू उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण न रुके, इसी उद्देश्य के साथ आकृति फाउंडेशन लगातार जरूरतमंद परिवारों की सहायता करता आ रहा है।
आकृति फाउंडेशन समय-समय पर शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा, जरूरतमंद परिवारों की सहायता एवं मानव कल्याण से जुड़े अनेक कार्यों के माध्यम से समाज के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन कर रहा है। फाउंडेशन का प्रयास है कि हर जरूरतमंद तक समय पर सहायता पहुंचे और कोई भी व्यक्ति संसाधनों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे।
सहायता प्राप्त करने वाले बच्चों के पालकों ने भावुक होकर संरक्षक कैलाश जैन बरमेचा सहित आकृति फाउंडेशन के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सहयोग केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास और उम्मीद का संबल है।
रिपोर्टर : धर्मेंद्र गुप्ता
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