कैलाश जैन बरमेचा का विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के करकमलों से भव्य सम्मान
दुर्ग : छत्तीसगढ़ के साहित्य, पत्रकारिता, समाजसेवा, शिक्षा, संस्कृति एवं खेल जगत में बहुआयामी योगदान देने वाले वरिष्ठ साहित्यप्रेमी, समाजसेवी एवं पत्रकार श्री कैलाश जैन बरमेचा को 05 अगस्त 2026 को माननीय छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के करकमलों से उनके सभागार में आयोजित गरिमामय समारोह में प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, शाल, श्रीफल, पुष्पमाला एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें साहित्यिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, साहित्य के संरक्षण, संवर्धन एवं समाज में साहित्यिक चेतना के प्रसार हेतु किए जा रहे उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
यह सम्मान समारोह अगासदिया एवं वैभव प्रकाशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह के अवसर पर संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री माननीय श्री टंकराम वर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ. रमन सिंह उपस्थित रहे। समारोह में प्रदेश के अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकार, शिक्षाविद, पत्रकार, कलाकार, समाजसेवी एवं बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।
कैलाश जैन बरमेचा का व्यक्तित्व बहुआयामी एवं प्रेरणादायी है। वे दैनिक छत्तीसगढ़ राजधानी रिपोर्टर समाचार पत्र के प्रबंध संपादक, 'नई दृष्टि बिंदु' के सलाहकार संपादक, छत्तीसगढ़ पावरलिफ्टिंग संगठन के अध्यक्ष, अनेक संगीत संस्थाओं के संरक्षक एवं अध्यक्ष होने के साथ-साथ प्रदेश की अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षणिक एवं क्रीड़ा संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता, साहित्य, समाजसेवा और जनजागरण के माध्यम से वे वर्षों से समाजहित में सतत कार्य कर रहे हैं तथा समाज के हर वर्ग को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं।
शिक्षा, चिकित्सा, साहित्य, संगीत, खेल एवं सामाजिक सेवा जैसे विविध क्षेत्रों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। वे विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से समय-समय पर साहित्यकारों, कवियों, लेखकों, पत्रकारों, कलाकारों, शिक्षकों, चिकित्सकों, खिलाड़ियों एवं समाजसेवियों को मंच उपलब्ध कराने, उन्हें सम्मानित करने तथा उनके उत्कृष्ट कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करते रहे हैं। उनका दृढ़ विश्वास है कि साहित्य और संस्कृति समाज को संस्कारित करने की सबसे बड़ी शक्ति हैं। इसी उद्देश्य से वे साहित्यकारों और संगीत साधकों के कार्यों का पोषण एवं प्रोत्साहन करते हुए समय-समय पर पुस्तक विमोचन समारोह, साहित्यिक गोष्ठियाँ, सम्मान समारोह, कवि सम्मेलन, संगीत संध्याएँ, सांस्कृतिक आयोजन एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन एवं सहयोग करते हैं। वे अनेक साहित्यकारों एवं संगीतकारों को समाज के सामने लाने, उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाने तथा आमजन तक उनके विचारों और सृजन को पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। साहित्य और संगीत के संरक्षण, संवर्धन एवं पोषण में उनका योगदान विशेष रूप से सराहनीय माना जाता है।
समारोह के दौरान कैलाश जैन बरमेचा को साहित्यिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, शाल, श्रीफल, पुष्पमाला एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान ग्रहण करते समय सभागार में उपस्थित साहित्यकारों एवं अतिथियों ने जोरदार तालियों से उनका अभिनंदन किया।
सम्मान प्राप्त करने के पश्चात कैलाश जैन बरमेचा ने अत्यंत भावुक होकर कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि दुर्ग सहित पूरे छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों, पत्रकारों, कलाकारों, समाजसेवियों एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं का सम्मान है। उन्होंने कहा कि साहित्य की यात्रा में पहली सीढ़ी सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्हें साहित्य जगत में आगे बढ़ने की पहली प्रेरणा एवं अवसर वरिष्ठ साहित्यकार नवेद रजा 'दुर्गवी' से प्राप्त हुआ। नवेद रजा दुर्गवी ने उन्हें साहित्य की दुनिया से परिचित कराया, अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकारों से जोड़ने का कार्य किया तथा आगे बढ़ने का आत्मविश्वास प्रदान किया। उसी प्रथम कदम ने उन्हें साहित्य की निरंतर ऊँचाइयों तक पहुँचने का मार्ग प्रशस्त किया और आज उन्हें यह गौरवपूर्ण सम्मान प्राप्त हुआ।
श्री बरमेचा ने इस अवसर पर विशेष रूप से वरिष्ठ साहित्यकार नवेद रजा 'दुर्गवी', अपने आत्मीय सहयोगी श्री जाहिद अली, अपनी साहित्यिक प्रेरणास्रोत एवं बड़ी बहन समान डॉ. रजनी नेल्सन तथा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. परदेसीराम वर्मा के प्रति हृदय से अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन सभी का स्नेह, मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग ही उनकी साहित्यिक यात्रा की सबसे बड़ी पूंजी है। आज उन्हें जो इतना प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ है, उसमें इन सभी का अमूल्य योगदान है और वे जीवनभर इनके प्रति ऋणी एवं आभारी रहेंगे।
उन्होंने माननीय डॉ. रमन सिंह, टंकराम वर्मा, आयोजन समिति, अगासदिया एवं वैभव प्रकाशन तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी साहित्यकारों, पत्रकारों, अतिथियों एवं शुभचिंतकों के प्रति भी अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें समाज, साहित्य और संस्कृति की सेवा के लिए और अधिक समर्पण एवं ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।
कैलाश जैन बरमेचा को प्राप्त इस प्रतिष्ठित सम्मान पर दुर्ग सहित पूरे प्रदेश के साहित्यकारों, पत्रकारों, शिक्षाविदों, कलाकारों, चिकित्सकों, समाजसेवियों, खेल संगठनों, सांस्कृतिक संस्थाओं एवं उनके शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा, चिकित्सा, संगीत, खेल एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उनका समर्पित, सक्रिय एवं प्रेरणादायी योगदान न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे समाज के लिए गौरव का विषय है। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि यदि सेवा, समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ कार्य किया जाए तो व्यक्ति अनेक क्षेत्रों में समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है। साहित्य और संगीत के संरक्षण, संवर्धन एवं पोषण के लिए उनका सतत प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक प्रेरणादायी विरासत सिद्ध होगा।
रिपोर्टर : धर्मेंद्र गुप्ता
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