राखी के पावन पर्व पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र
दुर्ग - रक्षाबंधन के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, दुर्ग की ओर से आनंद सरोवर बघेरा सहित जिले के विभिन्न स्थानों पर स्नेह मिलन, राखी मिलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रेस क्लब पत्रकार संघ से जुड़े पत्रकारों के लिए विशेष राखी मिलन समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी बहनों ने पत्रकारों को रक्षा सूत्र बांधकर प्रेम, भाईचारे, पवित्रता और सकारात्मक जीवन का संदेश दिया। साथ ही उपस्थित लोगों को नशे सहित विभिन्न सामाजिक बुराइयों से दूर रहने और नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प दिलाया गया। आनंद सरोवर बघेरा में आयोजित स्नेह मिलन कार्यक्रम में जिलाधीश भ्राता अभिजीत सिंह सपरिवार सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। वहीं प्रेस क्लब पत्रकार संघ के पत्रकारों का सम्मान कर उन्हें रक्षा सूत्र बांधा गया। इस दौरान पत्रकारों के बीच आपसी स्नेह, एकजुटता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
ब्रह्माकुमारीज दुर्ग की संचालिका रीटा दीदी ने रक्षाबंधन के महत्व पर कहा कि यह पर्व केवल कलाई पर राखी बांधने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वयं को बुराइयों से मुक्त करने का अवसर भी है। रक्षा सूत्र व्यक्ति को यह स्मरण कराता है कि उसे अपने मन, वाणी और कर्म में पवित्रता बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में सुख और शांति का आधार पवित्रता है। जब व्यक्ति अपने भीतर की कमजोरियों और बुराइयों पर विजय प्राप्त करता है, तभी वह परिवार और समाज के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार कर सकता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में नशा समाज के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। नशे की वजह से व्यक्ति का स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन प्रभावित होता है। ऐसे में रक्षाबंधन के अवसर पर नशामुक्ति का संकल्प लेना पर्व की सार्थकता को और बढ़ाता है। रक्षा सूत्र केवल बाहरी सुरक्षा का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वयं को बुरे विचारों, बुरी आदतों और व्यसनों से बचाने की प्रेरणा भी देता है।
रक्षाबंधन के अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचकर रक्षा सूत्र बांधे। प्रशासनिक अधिकारियों, न्यायिक अधिकारियों, पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, केंद्रीय जेल, वृद्धाश्रम, बाल संप्रेषण गृह सहित विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर राखी बांधी गई। इस दौरान लोगों को नशे से दूर रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और अपने जीवन को संस्कारवान बनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रमों में भाई-बहनों के बीच आत्मीयता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी प्रमुखता दी गई। प्रेस क्लब पत्रकार संघ के राखी मिलन समारोह में पत्रकारों के सम्मान के साथ उन्हें सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दिया गया। संघ की ओर से कहा गया कि पत्रकार समाज का महत्वपूर्ण अंग हैं और उनकी कलम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पत्रकारों के बीच ऐसे आयोजन न केवल आपसी संबंधों को मजबूत करते हैं, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर एकजुट होकर कार्य करने की प्रेरणा भी देते हैं।
कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत व्यक्ति स्वयं से करे। दूसरों की रक्षा और समाज को बेहतर बनाने की बात करने से पहले प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन को नशे, नकारात्मक विचारों, क्रोध, अहंकार और अन्य बुराइयों से सुरक्षित करना चाहिए। जब व्यक्ति स्वयं अनुशासित और सकारात्मक जीवन जीता है, तो उसका प्रभाव परिवार और समाज पर भी पड़ता है। रक्षाबंधन के इस आयोजन में प्रेम और पवित्रता के साथ सामाजिक चेतना का संदेश देखने को मिला। रक्षा सूत्र के माध्यम से जहां भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह और विश्वास को मजबूत करने का प्रयास किया गया, वहीं नशामुक्ति के संकल्प ने कार्यक्रम को सामाजिक सरोकार से भी जोड़ दिया। पत्रकारों ने भी इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पर्व केवल परंपराओं तक सीमित न रहकर समाज को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम बनें, तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। ब्रह्माकुमारी संस्था की ओर से आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में इसी भावना को केंद्र में रखते हुए प्रेम, शांति, पवित्रता, सेवा, सद्भाव और नशामुक्त जीवन का संदेश दिया गया।
प्रेस क्लब पत्रकार संघ का राखी मिलन समारोह भी इसी सकारात्मक संदेश के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने पत्रकारों के बीच भाईचारे और आत्मीयता को बढ़ाने के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया। रक्षाबंधन के अवसर पर बांधा गया रक्षा सूत्र उपस्थित लोगों के लिए केवल एक पर्व की रस्म नहीं, बल्कि स्वयं को बुराइयों से बचाने, सकारात्मक सोच अपनाने और समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प बनकर सामने आया।
रिपोर्टर धर्मेंद्र गुप्ता
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