संगीत को जीवंत रखने की नई पहल, कैलाश जैन बरमेचा का योगदान चर्चा में

दुर्ग : समाजसेवा, व्यवसाय, साहित्य, संगीत और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय कैलाश जैन बरमेचा इन दिनों संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को लेकर चर्चा में हैं। दुर्ग शहर में आयोजित होने वाले संगीत कार्यक्रमों से जुड़कर वे कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

कैलाश जैन बरमेचा का व्यक्तित्व बहुआयामी है। वे अनेक सामाजिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं खेल संस्थाओं से जुड़े हुए हैं और विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाते रहे हैं। साहित्य के प्रति उनकी रुचि लंबे समय से रही है, वहीं संगीत के क्षेत्र में भी वे लगातार कलाकारों और आयोजनों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उनका मानना है कि कला, साहित्य, संगीत और खेल जैसी गतिविधियां समाज में सकारात्मक ऊर्जा और रचनात्मक वातावरण का निर्माण करती हैं।

दुर्ग की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से होने वाले विभिन्न संगीत आयोजनों में उनका सहयोग कलाकारों के लिए उत्साह और प्रेरणा का माध्यम बन रहा है। अनुभवी कलाकारों के साथ नई प्रतिभाओं को भी अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिले, इस दिशा में वे विशेष रूप से सक्रिय दिखाई देते हैं।

सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ कैलाश जैन बरमेचा व्यवसाय के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। बरमेचा टेक्सटाइल्स, बरमेचा एलीवेटर, कमला मोटर्स, निधि इलेक्ट्रो वर्ल्ड और कमला फाइनेंस सहित विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों से उनका जुड़ाव है। व्यवसाय के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक दायित्वों के लिए समय निकालना उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाता है।

उनकी सक्रियता केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। समाजसेवा के साथ साहित्य, संगीत, खेल और अन्य सामाजिक संस्थाओं की गतिविधियों में सहभागिता उनकी कार्यशैली का हिस्सा रही है। अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना उनकी सोच में प्रमुख स्थान रखता है।

कैलाश जैन बरमेचा का मानना है कि किसी शहर की पहचान केवल उसके व्यापार और विकास से नहीं, बल्कि उसकी कला, संस्कृति और प्रतिभाओं से भी होती है। यही सोच उन्हें संगीत एवं सांस्कृतिक आयोजनों से जोड़ रही है। उनके सहयोग से होने वाले कार्यक्रमों में जहां संगीत प्रेमियों को बेहतर प्रस्तुतियां देखने-सुनने का अवसर मिलता है, वहीं कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच प्राप्त होता है।

हर बार कुछ नया सोचने और नई उमंग के साथ आगे बढ़ने की उनकी प्रवृत्ति उनके विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक और सांस्कृतिक कार्यों में दिखाई देती है। व्यवसाय की व्यस्तताओं के बावजूद सामाजिक सेवा, साहित्य, संगीत, खेल और अन्य संस्थागत गतिविधियों में सक्रिय रहना उनके व्यक्तित्व की विशेषता बन गया है।

दुर्ग शहर में संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में उनकी यह सक्रियता आने वाले समय में भी जारी रहने की उम्मीद है। कलाकारों को मंच, प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और शहर की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की सोच के साथ कैलाश जैन बरमेचा का यह प्रयास दुर्ग की कला एवं संस्कृति को नई ऊर्जा देने वाली पहल के रूप में सामने आ रहा है।
रिपोर्टर : धर्मेंद्र गुप्ता

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