दुर्ग-धमधा के संयुक्त दिव्यांग आकलन शिविर में 104 बच्चे लाभान्वित, 11 बच्चों के UDID कार्ड का प्रमाणीकरण
दुर्ग : विकासखंड दुर्ग शहर एवं विकासखंड धमधा के संयुक्त तत्वावधान में यूआरसीसी कार्यालय दुर्ग शहर में दिव्यांग बच्चों के आकलन शिविर का आयोजन किया गया। जिला परियोजना समन्वयक विनोद कुमार सिन्हा के आदेशानुसार आयोजित इस शिविर में 0 से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों की जांच एवं परीक्षण किया गया। शिविर में कुल 104 बच्चे लाभान्वित हुए, जबकि 11 बच्चों के यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए तत्काल प्रमाणीकरण किया गया।
एपीसी इंद्र कुमार रामटेके एवं यूआरसी नेम सिंह साहू के कुशल नेतृत्व में आयोजित शिविर में अस्थिबाधित, श्रवणबाधित, बौद्धिक निशक्तता एवं अल्पदृष्टि सहित विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांग बच्चों का आकलन किया गया। साथ ही बच्चों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया भी पूरी की गई।
जिला अस्पताल से पहुंची विशेषज्ञ टीम में नाक, कान एवं गला विशेषज्ञ रेणु तिवारी, शिशु रोग विशेषज्ञ मोहित कुमार सोनी, अस्थि रोग विशेषज्ञ अनुरंजन टोप्पो तथा नेत्र सहायक अधिकारी मोहितराम पटेल शामिल रहे। इसके अलावा एलिमको कृत्रिम अंग निर्माण की टीम ने भी बच्चों की जांच की और आवश्यकतानुसार मार्गदर्शन दिया।
शिविर में तहसील दुर्ग शहर के अंतर्गत 34 संकुल तथा धमधा विकासखंड के 58 संकुलों से पहुंचे बच्चों का परीक्षण किया गया। बच्चों को निःशुल्क जांच सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही आवश्यकतानुसार चश्मा एवं दवाइयां भी प्रदान की गईं।
इस आयोजन में चंद्रकिरण दुबे, पुष्पा भट्टाचार्य, सुमति उके, सरोज खोबरागढ़े एवं नरेंद्र कुमार सहारे का विशेष सहयोग रहा। वहीं कौशलेंद कुर्रे, केशव सिंह राजपूत एवं राजेंद्र कुमार दमाहे ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। शिविर में शिक्षकों, पालकों एवं बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति रही। शिविर का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की पहचान, स्वास्थ्य परीक्षण तथा उन्हें आवश्यक प्रमाण पत्र एवं सहायक सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा।
रिपोर्टर : धर्मेंद्र गुप्ता

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