पद्मनाभपुर में गरबी गरबा की धूम, बंगाली-गुजराती संस्कृति के संगम ने मोहा मन
दुर्ग : पद्मनाभपुर स्थित ओल्ड एलआईजी ग्राउंड में सोमवार, 19 अक्टूबर को आयोजित भव्य ‘गरबी गरबा’ सांस्कृतिक एकता, भक्ति और पारंपरिक उत्साह का यादगार उदाहरण बना। माता की आरती, सुमधुर भजनों, पारंपरिक गुजराती गरबा और बंगाली धुनुची नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। विभिन्न समाजों की सांस्कृतिक परंपराओं के अनूठे संगम ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया।
गरबी गरबा का आयोजन संरक्षक कैलाश जैन बरमेचा के मार्गदर्शन तथा मुख्य संचालक अनुभव सखलेचा और आशीष तैलंग के नेतृत्व में संपन्न हुआ। बंगाली समाज एवं एलआईजी ग्राउंड समिति ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
बीएसएफ कमांडेंट विवेक श्रीवास्तव का सम्मान
समारोह में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के फ्रंटियर मुख्यालय के कमांडेंट विवेक श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन समिति ने उनका सम्मान एवं अभिनंदन किया। विशेष अतिथि के रूप में डॉ. दीपक कोठारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही गरबी गरबा के संरक्षक कैलाश जैन बरमेचा का भी विशेष सम्मान किया गया।
समाजसेवा, शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र की हस्तियों का सम्मान
कार्यक्रम में समाजसेवा, शिक्षा, पुलिस सेवा, साइबर सुरक्षा, सैन्य सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. भावना दिवाकर, सहायक प्राध्यापिका एवं अध्यक्ष, मां शक्तिस्वरूपा महिला समिति, दुर्ग; डॉ. संकल्प राय, उपनिरीक्षक पुलिस एवं नोडल अधिकारी, साइबर अपराध, दुर्ग; संध्या रितेश, वरिष्ठ समाजसेविका; कमर खान, सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक एवं विधिक सलाहकार, देवादा अस्पताल; डॉ. प्रीति अजय बेहरा, छत्तीसगढ़ शासन की पूर्व बाल कल्याण समिति सदस्य एवं उत्कल समाज की उपाध्यक्ष; रत्ना नारमदेव, वरिष्ठ समाजसेविका एवं दुर्ग की पूर्व एल्डरमैन; मनीष शुक्ला, पूर्व सेना हवलदार एवं ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े सैन्य सेवाकर्मी; तथा गौरव शर्मा, दुर्ग नगर पालिक निगम के एल्डरमैन एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा, दुर्ग के पूर्व जिला महामंत्री शामिल रहे।
इस अवसर पर अखैराज सखलेचा, सरोज सखलेचा, नायर, रमेश चोपड़ा (एलआईजी ग्राउंड), राजेश पठानिया, लहरी तथा गरबी गरबा समूह के सदस्य भी उपस्थित रहे।
माता की आरती और धुनुची नृत्य ने बांधा समां
कार्यक्रम का शुभारंभ नृत्य निर्देशक अर्निका बिस्वास के नेतृत्व में हुआ। इसके बाद सूर्यकला एवं अनुभव सखलेचा ने माता की आरती और सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
आयोजन का प्रमुख आकर्षण पारंपरिक बंगाली धुनुची नृत्य रहा। अर्निका बिस्वास, संजय अग्रवाल और उनकी टीम की आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बंगाली परंपरा और गुजराती गरबा के संगम ने उपस्थित लोगों को उत्साह से झूमने पर मजबूर कर दिया।
मनोरंजक गतिविधियों और नृत्य प्रस्तुतियों ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम का मंच संचालन स्वाती पटेल, नीतू गर्ग एवं आशीष तैलंग ने किया। उनकी प्रभावशाली संवाद शैली ने आयोजन को जीवंत बनाए रखा। विशेष ‘टंग ट्विस्टर गरबा’ गतिविधि में सूर्यकला एवं स्वाती पटेल ने प्रतिभागियों को मनोरंजक अंदाज में शामिल किया। इस गतिविधि को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
इसके बाद नृत्य निर्देशक आदित्य, राम महतो, हरीश, अर्निका बिस्वास एवं राशि ने विभिन्न नृत्य शैलियों, गरबा प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से उत्साह का माहौल बनाया। बच्चों, युवाओं और महिलाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया।
आयोजकों और सहयोगियों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
कार्यक्रम के निर्देशन में अनुभव सखलेचा, आशीष तैलंग एवं संजय अग्रवाल की प्रमुख भूमिका रही। सह-मेजबान के रूप में सूर्यकला, नीतू गर्ग, स्वाती पटेल, शालिनी पटेल, रोमा सिंह, तृप्ति साहू, हिमांशु, योगेश राठी, आशीष दत्ता, जान्हवी, अंकित शाह, शरद गर्ग एवं विशाल त्रेहान ने सहयोग प्रदान किया।
आयोजन को सफल बनाने में डॉ. कृष्णा अग्रवाल, वर्षा तैलंग, दलजीत कोराडा, मंजू श्री नौकरकर, नीरा पांडे, नमिता बंसल, शांति शर्मा, पूजा तिवारी, रीता सुराना, नेहा हीरवानी, अव्या तैलंग, राशि महतो, वत्सला नायर, खुशी चोपड़ा, मंगला एवं समिता चंद सहित अनेक प्रतिभागियों और सहयोगियों का योगदान सराहनीय रहा।
पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्ण आयोजन, सांस्कृतिक एकता का दिया संदेश
आयोजन समिति के अनुसार, कार्यक्रम आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद पुलिस बल की उपस्थिति में आयोजित किया गया। सुरक्षा और अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए की गई व्यवस्थाओं के चलते कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुचारू रूप से संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या दुर्घटना नहीं हुई।
समिति ने सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग के लिए पुलिस विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही कहा कि सार्वजनिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की सफलता के लिए प्रशासन के साथ समन्वय, अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण है।
‘गरबी गरबा’ ने विभिन्न समाजों और वर्गों को एक मंच पर लाकर सांस्कृतिक एकता, आपसी सौहार्द और परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। भक्ति, संगीत, नृत्य, सम्मान समारोह और सुव्यवस्थित आयोजन से सजी यह सांस्कृतिक संध्या पद्मनाभपुर के लिए यादगार रही।
आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगियों, बंगाली समाज, एलआईजी ग्राउंड समिति तथा पुलिस विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
रिपोर्टर : धर्मेंद्र गुप्ता

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