‘लोगों ने कहा मत रिलीज करो…’: ‘एक दीवाने की दीवानियत’ के प्रोड्यूसर अंशुल गर्ग बोले — “भरोसा था अपनी कहानी की सच्चाई पर”

बॉलीवुड में इस वक्त चर्चा में है फिल्म ‘एक दीवाने की दीवानियत’, जिसे प्रोड्यूसर अंशुल गर्ग ने बड़े बजट की फिल्म ‘थम्मा’ (आयुष्मान खुराना और रश्मिका मंदाना स्टारर) के साथ रिलीज किया। भारी प्रतिस्पर्धा के बावजूद फिल्म ने दर्शकों के बीच अपनी जगह बना ली है।

अंशुल गर्ग ने अपनी फिल्म की रिलीज स्ट्रैटेजी और सफलता को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कई लोगों ने उन्हें इस समय फिल्म रिलीज न करने की सलाह दी थी, लेकिन उन्हें अपने काम की सच्चाई पर भरोसा था।

“स्ट्रैटेजी नहीं, सच्चाई और भावना पर भरोसा”

बातचीत में अंशुल गर्ग ने कहा,

“कई लोगों ने कहा कि दिवाली के दौरान या किसी बड़ी फिल्म के साथ रिलीज मत करो। लेकिन मैंने हमेशा माना है कि अगर आपका काम ईमानदार है, तो वह अपने दर्शक खुद ढूंढ लेगा — चाहे सामने कोई भी फिल्म क्यों न हो।”

उन्होंने आगे कहा,

“संगीत मेरी ताकत है और भावना (इमोशन) मेरा केंद्र। मैंने इस फिल्म में इन दोनों पर पूरा भरोसा किया। दर्शकों से जो प्यार मिला, उसने साबित किया कि सच्चाई और कहानी आज भी रणनीति और स्केल से ज्यादा मायने रखती है।”

गर्ग ने कहा,

“एक फिल्म को हिट होने के लिए सुपरस्टार की जरूरत नहीं होती। बस कहानी और ऐसे कलाकार चाहिए जो उस कहानी को जी सकें। मैं हमेशा स्क्रिप्ट को चुनूंगा, नाम को नहीं।”

हंसल मेहता का समर्थन और विवाद

फिल्म को निर्देशक मिलाप जावेरी ने डायरेक्ट किया है। निर्देशक हंसल मेहता ने फिल्म की सफलता पर बधाई देते हुए X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा —

“हे @MassZaveri, ‘एक दीवाने की दीवानियत’ की जबरदस्त सफलता पर बधाई! दर्शकों को ऐसे ही मंत्रमुग्ध करते रहो।”

हालांकि, इस ट्वीट के बाद मेहता को सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। एक यूज़र ने लिखा —

“यह ‘संवेदनशील और बुद्धिमान’ निर्देशक उस फिल्ममेकर को बधाई दे रहा है जिसने अपनी फिल्मों में ‘No’ को ‘Yes’ बना दिया। ऐसा कंटेंट युवाओं के दिमाग को ज़हरीला करता है।”

हंसल मेहता की सफाई

ट्रोल्स का जवाब देते हुए हंसल मेहता ने लिखा —

“हम सब चाहते हैं कि फिल्में दुनिया बदल दें — ‘शाहिद’ से एकता आए, ‘अर्थ’ महिलाओं को सशक्त करे, ‘सरांश’ सहानुभूति जगाए, ‘नील बटे सन्नाटा’ मांओं को प्रेरित करे। लेकिन क्या ऐसा होता है? ‘सत्या’ ने गैंगस्टर बनाए? ‘गॉडफादर’ या ‘पल्प फिक्शन’ ने अपराध बढ़ाए? शायद नहीं।”

उन्होंने आगे लिखा —

“अगर फिल्में ज़हर फैला सकती हैं, तो वे रोशनी भी फैला सकती हैं। शायद थोड़ी शालीनता भी सिखा सकती हैं — जैसे कि एक कलाकार दूसरे को बिना किसी दिखावे के बधाई दे।”

फिल्म की स्टारकास्ट

‘एक दीवाने की दीवानियत’ में हर्षवर्धन राणे और सोनम बाजवा मुख्य भूमिकाओं में हैं। दर्शक फिल्म की रोमांटिक कहानी और संगीत को खूब पसंद कर रहे हैं।

 

‘एक दीवाने की दीवानियत’ केवल एक रोमांटिक फिल्म नहीं, बल्कि एक उदाहरण है कि सच्ची कहानी और ईमानदार प्रस्तुति हमेशा दर्शकों के दिल तक पहुंचती है — चाहे सामने कोई भी बड़ी फिल्म क्यों न हो।

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