“नोरा फतेही-संजय दत्त का गाना ‘सरके चुनर तेरी सरके’: सोशल मीडिया पर विवाद और नैतिकता की बहस”

BY UJJWAL SINGH 

बॉलीवुड हमेशा से अपने ग्लैमरस गानों और शानदार परफॉर्मेंस के लिए चर्चाओं में रहता है, लेकिन इस बार एक नया controversy का तूफान उस गाने ने खड़ा कर दिया है जिसे लेकर सोशल मीडिया पर जमकर बहस हो रही है. नोरा फतेही के लेटेस्ट गाने “सरके चुनर तेरी सरके” को रिलीज़ होते ही आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। लोग इस गाने के बोलों को अश्लील बता रहे हैं और बॉलीवुड की नैतिकता पर सवाल उठा रहे हैं.

नोरा‑संजय‑क्लिक ने मचाया हंगामा

नोरा फतेही अपनी जबरदस्त डांसिंग कला और ग्लैमरस लुक के लिए हमेशा सुर्खियों में रहती हैं.वह इस गाने में संजय दत्त के साथ दिख रही हैं, जिसे 15 मार्च को रिलीज़ किया गया. जैसे ही इसका म्यूज़िक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, उसी समय एक बड़ा विवाद शुरू हो गया.

सोशल मीडिया यूजर्स और कई सेलेब्रिटीज़ ने गाने के बोलों को लेकर नाराज़गी जताई. कई लोगों ने पूछा कि “कौन सा सभ्य परिवार साथ बैठकर ये देख सकता है?” इस गाने के बोलों को कई लोग अश्लील और अनुचित मान रहे हैं, खासकर पारिवारिक दर्शकों के लिए.

अरमान मलिक ने दी कड़ी टिप्णी

बॉलीवुड के मशहूर सिंगर अरमान मलिक ने भी इस गाने पर प्रतिक्रिया दी और ट्वीट कर लिखा कि यह गाना उनकी टाइमलाइन पर आया और उन्होंने रिप्ले किया ताकि यह सुनिश्चित कर सकें कि उन्होंने सही सुना है या नहीं. उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि कमर्शियल सॉन्ग राइटिंग का स्तर इतना गिर गया है। अरमान मलिक की आलोचना ने फैंस और मीडिया का ध्यान इस मुद्दे की ओर और बढ़ा दिया.

नेशनल ह्यूमर राइट्स कमीशन की कड़ी प्रतिक्रिया

इस विवाद पर नेशनल ह्यूमर राइट्स कमीशन (NHRC) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने भी गहरे ऐतराज़ जताए. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लिखा कि बॉलीवुड में नैतिकता की अपेक्षा पहले से ही मुश्किल भरी रही है और सेंसर बोर्ड का यह फैसला शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि ऐसे बोल समाज में मानसिक विकृतियों को बढ़ावा देते हैं और पीढ़ियों को प्रभावित कर सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कमीशन नोटिस जारी करेगा और आगे की कार्यवाही करेगा.

गाना हुआ प्राइवेट; विवाद जारी

अब तक इस गाने को यूट्यूब पर Private कर दिया गया है, ताकि आगे की आलोचना और बढ़ती न हो. लेकिन सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है और लोग गाने के बोल, सेंसर बोर्ड की भूमिका तथा बॉलीवुड की नैतिक जिम्मेदारी पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं.यह विवाद एक बार फिर से यह सवाल खड़ा करता है कि क्या मनोरंजन की आज़ादी को संतुलित रखते हुए सामाजिक मूल्यों का सम्मान भी ज़रूरी नहीं है? बॉलीवुड के इस विवादित सॉन्ग ने फिलहाल खूब तड़का लगाया है, और चर्चा अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है.

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