संचिता उगले सुसाइड केस: सहेली गीतांजलि का खुलासा— "6 महीने से डिप्रेशन में थीं, कहती थीं जीना टॉर्चर है"
टीवी जगत की जानी-मानी एक्ट्रेस और 'कुमकुम भाग्य' फेम संचिता उगले की अचानक मौत ने पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री और उनके फैंस को झकझोर कर रख दिया है। संचिता ने 14 जून को अपने घर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इस दुखद घटना के बाद जहां पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है, वहीं संचिता की करीबी दोस्त गीतांजलि ने एक इंटरव्यू में कई ऐसे चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसने इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।
गीतांजलि का दावा है कि संचिता पिछले छह महीनों से भयंकर मानसिक तनाव (ट्रॉमा) से गुजर रही थीं और बार-बार मौत को गले लगाने की बात कह रही थीं।
"यह अचानक उठाया गया कदम नहीं था" — डिप्रेशन से जूझ रही थीं एक्ट्रेस
'टेली टॉक इंडिया' को दिए एक विशेष इंटरव्यू में गीतांजलि ने बताया कि संचिता का यह कदम कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। वह लंबे समय से अंदर ही अंदर टूट रही थीं।
"अगर कोई इंसान बार-बार आत्महत्या करने की बात कहता है, तो यह अचानक नहीं होता। वह पिछले छह महीने से मुझसे कह रही थी कि वह मरना चाहती है। वह अब और जीना नहीं चाहती थी।"
गीतांजलि के इंटरव्यू की मुख्य बातें:
- 5-5 दिनों तक नहीं सोती थीं संचिता गीतांजलि के मुताबिक, संचिता का डिप्रेशन संभवतः जनवरी के महीने में शुरू हुआ था। उनकी मानसिक स्थिति इतनी खराब थी कि वह लगातार पांच-पांच दिनों तक जागी रहती थीं, उन्हें नींद तक नहीं आती थी।
- काम से उठ गया था भरोसा:शो में लीड रोल मिलने के बावजूद संचिता की दिलचस्पी काम में खत्म होती जा रही थी। गुजरात में एक प्रोजेक्ट की शूटिंग से लौटने के बाद जब गीतांजलि ने उनका हौसला बढ़ाने की कोशिश की, तो संचिता ने रोते हुए कहा था— नहीं, मुझे किसी भी चीज में अच्छा नहीं लग रहा है। यह कैसी जिंदगी है? मुझे यह सब बहुत टॉर्चर लग रहा है।
- जांच में मदद को तैयार दोस्त:गीतांजलि ने बताया कि उनके पास संचिता के आखिरी वक्त के कई पर्सनल मैसेजेस और चैट्स सुरक्षित हैं। वह इन्हें पुलिस जांच में मदद के लिए शेयर करेंगी, लेकिन वह इन्हें कभी भी सोशल मीडिया का तमाशा या कंटेंट नहीं बनने देंगी।
केस में नया मोड़: प्रोडक्शन हाउस का सपोर्ट बनाम को-स्टार पर हैरेसमेंट के आरोप
गीतांजलि ने उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि संचिता का उनके प्रोडक्शन हाउस के साथ कोई विवाद था। उन्होंने साफ किया कि प्रोडक्शन के लोग काफी मददगार थे और वे खुद संचिता को डॉक्टर्स के पास लेकर गए थे ताकि उनकी मानसिक स्थिति को समझा जा सके।
फिलहाल, पुलिस इन सभी कड़ियों को जोड़कर मामले की तफ्तीश कर रही है। संचिता के फैंस और परिवार अब न्याय की उम्मीद में पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
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