शाहनगर टिमरूआ में बदहाली की तस्वीर: जर्जर पंचायत भवन पर कब्जा,सड़क पर पड़ा विद्युत पोल बना खतरा
एटा - जलेसर विकास खंड क्षेत्र के शाहनगर टिमरूआ गांव में विकास के दावों की हकीकत जमीनी स्तर पर सवाल खड़े कर रही है। गांव में वर्षों से मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। पंचायत भवन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और विद्युत व्यवस्था—चारों मोर्चों पर हालात चिंताजनक हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस पहल नहीं दिख रही पंचायत भवन बना पशुशाला, सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग गांव का पंचायत भवन पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। छत व दीवारों में दरारें हैं और भवन असुरक्षित हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है, जहां गाय-भैंस बांधी जा रही हैं और उपले थापे जा रहे हैं। इससे न सिर्फ सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि पंचायत संबंधी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
हैंडपंप खराब, पेयजल संकट गहराया
शाहनगर टिमरूआ में लगे कई सरकारी हैंडपंप वर्षों से खराब पड़े हैं। गर्मी नजदीक होने के बावजूद मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीणों को पेयजल के लिए दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को कठिनाई झेलनी पड़ रही है। जर्जर चिकित्सालय, इलाज के लिए भटकते ग्रामीण गांव का सरकारी चिकित्सालय भी बदहाल है। भवन जर्जर होने के कारण नियमित स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी उन्हें अन्य कस्बों की ओर रुख करना पड़ता है। चार माह से सड़क पर पड़ा विद्युत पोल, हादसे का डर विद्युत विभाग की लापरवाही भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रही है। गांव की मुख्य सड़क पर करीब चार महीने से जर्जर विद्युत पोल गिरा पड़ा है। कई बार शिकायत के बावजूद उसे न तो हटाया गया और न ही बदला गया। ग्रामीणों का कहना है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन विभागीय कर्मचारी सुनने को तैयार नहीं हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्रामीण विकास और किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन शाहनगर टिमरूआ में हालात इन दावों से मेल नहीं खाते ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत भवन को कब्जामुक्त कराकर उसका पुनर्निर्माण कराया जाए, खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत हो, चिकित्सालय को सुचारु किया जाए और सड़क पर पड़े जर्जर विद्युत पोल को तत्काल बदला जाए अब देखना यह है कि संबंधित विभाग कब तक इस गांव की समस्याओं का समाधान कर पाते हैं या ग्रामीणों को यूं ही इंतजार करना पड़ेगा।
रिपोर्टर : लखन यादव
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