यूपी में स्मार्ट मीटर विवाद पर प्रशासन और सरकार सख्त

एटा - स्मार्ट मीटर को लेकर क्षेत्र में बढ़ते विरोध के बीच अब बिजली विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए किसानों को राहत का भरोसा दिया है। जलेसर के एसडीओ नवीन कुमार यादव ने बताया कि सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था समाप्त कर दी है और अब इन्हें पोस्टपेड प्रणाली में बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द ही शासन स्तर से आदेश जारी कर दिए जाएंगे, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। एसडीओ ने कहा कि जिन किसानों के बिजली बिल अधिक आ रहे हैं, उनकी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अपनी समस्या को लेकर आवेदन व शिकायत पत्र के साथ उपखंड कार्यालय में संपर्क करें, ताकि समयबद्ध तरीके से समाधान किया जा सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी उपभोक्ता या किसान को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी और सभी समस्याओं का समाधान पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। उधर, स्मार्ट मीटर को लेकर किसानों में लगातार आक्रोश देखा जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन भानू के जिला अध्यक्ष पंकज सिंह ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को बंद करने की मांग उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए थे। स्मार्ट मीटर के खिलाफ भड़के किसान, बंद करने की मांग; समाधान न हुआ तो उखाड़ने की चेतावनी जलेसर में स्मार्ट मीटर को लेकर क्षेत्र के किसानों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। भारतीय किसान यूनियन भानू के जिला अध्यक्ष पंकज सिंह ने सरकार से स्मार्ट मीटर व्यवस्था को तत्काल बंद करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार यदि वास्तव में किसानों का भला चाहती है तो इस योजना को खत्म करना चाहिए किसान नेता पंकज सिंह ने जारी बयान में कहा कि किसान और मजदूर वर्ग तकनीकी रूप से इतना सक्षम नहीं है कि स्मार्ट मीटर की जटिलताओं को समझ सके। इसके चलते उन्हें भारी बिजली बिल का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों के बिजली बिल हर महीने 4 से 5 हजार रुपये तक आ रहे हैं, जो उनकी आय के मुकाबले काफी अधिक हैं।

उन्होंने कहा कि जलेसर क्षेत्र के नूहखेड़ा गांव, जिसकी आबादी करीब 10 हजार है, वहां किसानों ने पंचायत कर इस मुद्दे पर रणनीति तैयार की है। पंचायत में किसानों ने एकजुट होकर स्मार्ट मीटर का विरोध करने का निर्णय लिया। किसान नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसान उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि किसान स्मार्ट मीटर को उखाड़कर बिजली घरों पर फेंक देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।इस संबंध में किसान नेता पंकज ठाकुर ने वीडियो जारी कर किसानों की नाराजगी और आगामी रणनीति की जानकारी दी है। किसानों का कहना है कि स्मार्ट मीटर से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है, बल्कि इससे उनकी दैनिक जरूरतों पर भी असर पड़ रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और सरकार इस बढ़ते असंतोष पर क्या कदम उठाती है।

रिपोर्टर - लखन यादव 

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