जमीन पर कब्जे में लापरवाही,लेखपाल हटाया संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम सख्त,शिकायतों को पांच श्रेणियों में बांटकर निस्तारण के दिए निर्देश
एटा : डीएम अरविंदसिंह ने शनिवार को तहसील सदर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर गांव चमकरे के लेखपाल अवनीश सिंह को तत्काल प्रभाव से हटा दिया। जिन लोगों ने कब्जा हटाने के बाद दोबारा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया, उनके खिलाफ गुंडा एक्ट और जिलाबदर की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। देहात क्षेत्र के अमरोलीया गांव की सरोज देवी ने शिकायत की कि मौजा चपड़ई सिकंदरपुर में राजस्व और पुलिस टीम ने पहले उनकी भूमि पर कब्जा दिलाकर कब्जा दिलाया था, लेकिन इसके बाद विपक्षियों ने दोबारा कब्जा कर लिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित 10 लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट और जिलाबदर की कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए उन्हें पांच श्रेणियों में विभाजित किया गया है। संवेदनशील मामलों का निस्तारण डीएम और एसडीएम स्तर पर, दूसरे स्तर के मामलों का तहसीलदार और थाना प्रभारी स्तर पर, तीसरे स्तर का नायब तहसीलदार और संबंधित उपनिरीक्षक और चौथे स्तर का राजस्व निरीक्षक, बीट स्तर का बीट और चौकी प्रभारी करेंगे।
वहीं, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा और आपसी मनमुटाव के मामलों का समाधान परिवार परामर्श केंद्र और संबंधित विभागों के माध्यम से कराया जाएगा। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी और बाल कल्याण समिति को घरेलू हिंसा एवं पारिवारिक विवादों को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन ने पुलिस से संबंधित शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर दिया। जिले की तीनों तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 54 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 17 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मित्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद , जलेसर में एसडीएम पीयूष रावत, एटा सदर में श्वेता सिंह, सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्टर : लखन यादव
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