जेसीबी से 50 साल पुरानी बाउंड्री तोड़ने का आरोप, स्वतंत्रता सेनानी के बेटे ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार

एटा - जलेसर तहसील क्षेत्र के ग्राम ओम नगर बाबूगढ़, मजरा तखावान में भूमि विवाद ने तूल पकड़ लिया है। स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय बाबू सिंह के पुत्र रूप सिंह फौजी ने आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक भूमि पर हथियारबंद लोगों ने जेसीबी मशीन से करीब 50 वर्ष पुरानी बाउंड्री तोड़कर जबरन कब्जा कर लिया। पीड़ित ने उन्होंने समाधान दिवस जिलाधिकारी एटा को प्रार्थना पत्र देकर नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, कब्जा हटवाने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। रूप सिंह फौजी ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि ग्राम ओम नगर बाबूगढ़, मजरा तखावन स्थित गाटा संख्या 354म, रकबा 0.0320 हेक्टेयर भूमि पर उनका वर्षों से वैध कब्जा है। उनके अनुसार इस भूमि पर लगभग 50 वर्ष पुरानी बाउंड्री बनी हुई थी। पीड़ित का आरोप है कि 18 जून 2026 को रामफल सिंह, राम नरेश यादव, बंगाली पुत्र किशनलाल, सुभाष यादव, सुशील, श्याम सुंदर, देवेंद्र सहित अन्य लोग 20-25 व्यक्तियों के साथ जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे। आरोप है कि सभी लोग लाठी-डंडों व अन्य हथियारों से लैस थे और उन्होंने जेसीबी से बाउंड्री ध्वस्त कर भूमि पर कब्जा कर लिया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने बिना अनुमति के जमीन पर खड़े पेड़ों को भी काट दिया। रूप सिंह फौजी का कहना है कि जब उन्होंने और उनके परिजनों ने इसका विरोध किया तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी देकर मौके से भगा दिया गया। उनका आरोप है कि दबंगई के बल पर उनकी निजी भूमि पर कब्जा कर लिया गया, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक क्षति हुई है। पीड़ित ने दावा किया है कि पूरी घटना के फोटो और वीडियो उनके पास सुरक्षित हैं, जिनमें जेसीबी से बाउंड्री तोड़े जाने और कथित कब्जे की घटना दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि जांच के दौरान वह सभी साक्ष्य प्रशासन को उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं। रूप सिंह फौजी ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्होंने कई बार कोतवाली पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी एटा से हस्तक्षेप की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। पीड़ित और उनके भाई  ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनकी भूमि से कथित अवैध कब्जा हटवाया जाए, नुकसान का आकलन कराकर क्षतिपूर्ति दिलाई जाए तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका न रहे। उधर, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस क्रम में अवैध रूप से चार पेड़ काटने के आरोप में तीन नामजद, वन विभाग की तहरीर पर मुकदमा दर्ज थाना सकरौली क्षेत्र के ग्राम ओमनगर बाबूगढ़ में बिना अनुमति पेड़ों की कटान का मामले में वन विभाग की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वन विभाग द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार 22 जून को लगभग तीन बजे वन दरोगा अपनी टीम के साथ शिकायत की जांच के लिए ग्राम ओमनगर बाबूगढ़ पहुंचे। मौके पर निरीक्षण के दौरान एक बकायन, एक खजूर तथा दो नीम के पेड़ कटे हुए मिले। जांच और स्थानीय लोगों से पूछताछ में आरोप है कि उक्त पेड़ों की कटान ग्राम निवासी रामफल, बंगाली और रामनरेश ने अवैध रूप से कराई।

तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि कटी हुई लकड़ी को राजेश यादव के सुपुर्द कर दिया गया है। वन विभाग के अनुसार घटना स्थल ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) क्षेत्र के अंतर्गत आता है,जहां वृक्षों की कटान के संबंध में विशेष नियम लागू हैं। वन विभाग ने आरोपितों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश ग्रामीण वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1976 की धारा 4/10 के अंतर्गत कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्टर - लखन यादव

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.