बरसात में खेतों पर मंडराया संकट SDM पीयूष रावत ने संभाला मोर्चा
एटा। जलेसर तहसील क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद कई गांवों में खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई। बसई, सोनामई, महापुर, ग्वालियरा समेत आसपास के गांवों में बरसाती पानी खेतों में जमा होने से धान की हजारों बीघा फसल प्रभावित होने की स्थिति बन गई। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते पानी की निकासी नहीं कराई गई तो फसल बर्बाद हो सकती है। शिकायत मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और एसडीएम जलेसर पीयूष रावत खुद मौके पर पहुंच गए।
शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंचे एसडीएम
ग्रामीणों की ओर से जलभराव की समस्या को लेकर एसडीएम को लिखित शिकायत दी गई थी। मामले का संज्ञान लेते हुए एसडीएम पीयूष रावत ने मौके पर पहुंचकर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने खेतों में जाकर स्थिति देखी और ग्रामीणों से बातचीत कर समस्या की जानकारी ली। एसडीएम के साथ खंड विकास अधिकारी पीएस आनंद, ग्राम विकास अधिकारी तथा तहसील और ब्लॉक स्तर की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
बुलडोजर से शुरू कराई पानी की निकासी
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि बारिश का पानी खेतों में जमा होने से धान की फसल प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से पानी की निकासी नाले की ओर कराने की मांग की। इसके बाद एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पानी की निकासी कराने के निर्देश दिए। मौके पर बुलडोजर लगाकर खेतों में जमा बरसाती पानी को निकालने का काम शुरू कराया गया।
हजारों बीघा फसल बचाने की कवायद
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बरसात के दौरान पानी खेतों में जमा हो जाता है। इस बार भी कई गांवों में खेत पानी से भर गए। धान की फसल के लिए लंबे समय तक पानी का खेतों में जमा रहना नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से शुरू कराई गई तत्काल जल निकासी की कार्रवाई को किसान महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
विधायक भी पहुंचे, ग्रामीणों की सुनी समस्या
ग्रामीणों ने जलभराव की समस्या की शिकायत क्षेत्रीय विधायक संजीव दिवाकर से भी की थी। एसडीएम के मौके पर पहुंचने के बाद विधायक संजीव दिवाकर और भाजपा के अन्य नेता भी ग्रामीणों के बीच पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके की स्थिति देखी।
स्थायी समाधान की तैयारी
एसडीएम पीयूष रावत ने अधिकारियों को तत्काल जल निकासी कराने के साथ समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार अगले दो-तीन दिनों में जल निकासी की व्यवस्था को और बेहतर करते हुए समस्या का स्थायी समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। मौके पर शुरू हुई कार्रवाई से किसानों को उम्मीद है कि समय रहते खेतों से पानी निकलने पर धान की फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकेगा।
रिपोर्टर , लखन यादव
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