वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे विद्यालयों में गूंजा राष्ट्रभावना का स्वर
अवागढ़। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार को सरस्वती शिशु मंदिर किला मार्ग और सरस्वती विद्या मंदिर नगला खना रोड पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्या भारती के आह्वान पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों और गणमान्य लोगों ने राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी ली। संस्कृत प्रवक्ता धर्मेंद्र चौबे ने विद्यार्थियों को बताया कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम् की रचना की थी। उन्होंने इसके स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, 1896 के कांग्रेस अधिवेशन में रवींद्रनाथ ठाकुर द्वारा गायन और 1905 के स्वदेशी आंदोलन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में चेयरमैन महेशपाल सिंह, प्रधानाचार्य जोगेंद्र सिंह यादव, रजनीश कुमार मिश्रा, अमित जैन, देवेंद्र गुप्ता, गणेश वार्ष्णेय, रमन वर्मा आदि मौजूद रहे।
रिपोर्टर :- लखन यादव

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