एटा में बड़ी कार्यवाही जिले के 162 माध्यमिक स्कूल बोर्ड ने किये डिबार

एटा : पूरे प्रदेश के 411 स्कूलों में एटा के शामिल है 162 स्कूल, पहली सूची से बाहर, आगे भी नहीं बनाया जाएगा केंद्र - फिर बाहर निकला 15 साल पुराना मान्यता प्रत्याहरण का जिन्न, 156 स्कूल फंसे, छह अन्य परीक्षा अनियमिताओं के कारण डिबार बोर्ड परीक्षा से पहले ही इस बार माध्यमिक शिक्षा परिषद ने एटा के माध्यमिक शिक्षा विभाग में बड़ी कार्यवाही से हलचल मचा दी है। बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए परीक्षा केंद्र की पहली सूची जारी होने के साथ ही जिले के 162 स्कूलों को डिबार किया गया है। इन स्कूलों को जहां बोर्ड ने पहली परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर कर दिया है तो फाइनल सूची में भी इन स्कूलों को केंद्र नहीं बनाया जाएगा। पूरे प्रदेश में डिबार किए गए 411 स्कूलों में एटा जिले से 162 की संख्या चौंकाने वाली ही नहीं बल्कि हलचल मचाने वाली भी है। 15 साल बाद जहां एक बार फिर मान्यता प्रत्याहरण में फंसे 156 माध्यमिक स्कूलों का परीक्षा केंद्र सूची से क्लीन स्वीप किया गया है तो दूसरी ओर छह अन्य स्कूल पूर्व में परीक्षा के दौरान अनियमितता के कारण डिबार किए गए हैं।

यहां बता दें कि माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा दो दिन पहले की 2027 की बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र की अन्नतिम सूची जारी की है। पहली सूची में जिले से 85 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि बोर्ड नहीं केंद्र सूची जारी करने के साथ ही इस बार प्रदेश भर में 411 स्कूलों की डिबार सूची भी जारी की है। इस सूची को सभी जिलों में जिलाधिकारी तथा जिला विद्यालय निरीक्षक को उपलब्ध कराया गया है। बोर्ड सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन स्कूलों को आगामी बोर्ड परीक्षा में किसी भी कीमत पर केंद्र निर्धारित नहीं किया जाए। 

भले ही प्रदेश के 75 जिलों से 411 विद्यालय इस सूची में शामिल है लेकिन यह सूची एटा जिले के माध्यमिक शिक्षा विभाग में खलबली मचाने वाली इसलिए है क्योंकि जनपद के 162 स्कूलों को इस सूची में शामिल किया गया है। अचानक इतनी बड़ी संख्या में स्कूलों को डिबार किए जाने की स्थिति से हर कोई आश्चर्यचकित है। 162 स्कूलों में 156 स्कूल ऐसे हैं जिन्हें 15 साल पहले जिला प्रशासन द्वारा मान्यता संबंधी पत्रावलियों की कराई गई जांच में दागी पाया गया था। हालांकि लंबे समय से चल रहे मामले को लेकर मामला ठंडा बस्ती में ही चल रहा था लेकिन अचानक 2027 की बोर्ड परीक्षा से पहले इन स्कूलों पर
डिबार किए जाने जैसी कार्यवाही से भविष्य का खतरा भी मडरा गया है। इसका मुख्य कारण यही है कि शासन ने इस मामले को फिर से गंभीरता पर लिया है तो भविष्य में इन स्कूलों की मान्यता पर भी कार्यवाही हो सकती है। सिर्फ 6 स्कूल ऐसे हैं जिन्हें परीक्षा संबंधी अनियमितता के कारण  डिबार किया गया है।

यह है मान्यता प्रत्याहरण का मामला
 

वर्ष 2010 में  जिलाधिकारी गौरव दयाल,अपर जिलाधिकारी अखिलेश मिश्रा तथा प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक शौकीन सिंह यादव द्वारा जिले में बड़ी संख्या में स्कूलों द्वारा गलत तरीके से मान्यता पाने को लेकर जांच कराई थी। पत्रावलियां  कोषागार में जमा की गई थी। जांच में विद्यालय की जमीन,फर्जी बैनामा, खसरा ,खतौनी सांसद निधि ,विधायक निधि दुरुपयोग आदि स्थितियां सामने आने के बाद 186 स्कूलो की मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति शासन को की। शुरुआत में काफी विरोध हुआ। कुछ स्कूलों में खामियां सुधार क्लीन चिट ले ली। इसके बावजूद 156 स्कूल अभी भी इस मामले में फंसे हैं। 
 
सिर्फ स्कूलों पर कार्यवाही, अधिकारी अब तक पाक साफ 

 मान्यता प्रत्याहरण के मामले में 156 स्कूल अभी भी फंसे हैं। महत्वपूर्ण यह है कि 15 साल पहले ही यह मामला शासन स्तर पर पहुंचने के बाद स्कूल अभी भी कार्रवाई के दायरे में है लेकिन इस मामले में गलत तरीके से मान्यता देने वाले किसी भी विभागीय अधिकारी पर आज तक कार्यवाही नहीं हुई है। इस तरह की स्थिति भी निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। 

बोर्ड द्वारा 162 स्कूलों को डिबार करने की सूची मिली है। बोर्ड के निर्देश के अनुसार ही आगे की कार्यवाही की जाएगी। डॉ इंद्रजीत, जिला विद्यालय निरीक्षक

रिपोर्टर : लखन यादव

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