गांवों में पशुओं की सेहत का मिशन जलेसर के चिरगवा में लगा पशु आरोग्य शिविर, 590 पशुओं की हुई जांच
एटा : जलेसर में किसानों की आर्थिक मजबूती केवल खेतों की उपज से नहीं, बल्कि पशुपालन से भी जुड़ी है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन की अहम भूमिका को देखते हुए जलेसर विकासखंड की ग्राम पंचायत चिरगवा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में पशुपालक अपने पशुओं को लेकर पहुंचे। यहां कुल 590 बड़े और छोटे पशुओं का पंजीकरण कर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और पशुपालकों को निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
शिविर का शुभारंभ भाजपा नेता रमेश पाल सिंह एडवोकेट ने किया। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को गांव में ही बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सराहनीय पहल है। ऐसे शिविरों से पशुओं की बीमारियों की पहचान और उपचार में मदद मिलती है। उन्होंने पशुपालकों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और पशुओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
गर्भ परीक्षण से लेकर कृत्रिम गर्भाधान तक मिली सुविधा
शिविर की खास बात यह रही कि यहां केवल सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण तक ही सेवाएं सीमित नहीं रहीं, बल्कि पशुओं के प्रजनन और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर भी ध्यान दिया गया। प्रभारी उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सुचिंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि शिविर में 40 बड़े पशुओं का गर्भ परीक्षण किया गया। 26 बड़े पशुओं को बांझपन संबंधी दवाएं दी गईं। वहीं 22 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराया गया। इसके अलावा आठ बड़े और 14 छोटे पशुओं का बधियाकरण किया गया।
पशुपालन योजनाओं की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान पशुपालन विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में किसानों और पशुपालकों को विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने, बीमारियों से बचाव और नियमित देखभाल पर जोर दिया। विभागीय अधिकारियों का कहना था कि पशुओं का बेहतर स्वास्थ्य सीधे तौर पर पशुपालकों की आमदनी से जुड़ा है।
पशुपालन से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन किसानों के लिए अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में पशुओं का समय पर उपचार, टीकाकरण और प्रजनन संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होना पशुपालकों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। चिरगांव में आयोजित शिविर ने एक ही स्थान पर कई तरह की पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराकर पशुपालकों को राहत पहुंचाई। इस अवसर पर ग्राम प्रधान प्रेम सिंह, डॉ. सुरेंद्र सिंह सिकरवार, डॉ. नीरज गर्ग, कुमारी राखी सक्सेना, दिनेश सिंह गहलोत, डॉ. दीपक सिंह, महेश चंद्र, रवि शेखर, वासुदेव, विनोद कुमार, नलकुमार और शिवकुमार तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। 590 पशुओं का परीक्षण और निशुल्क दवाओं का वितरण इस बात का संकेत है कि ग्रामीण स्तर पर पशु चिकित्सा सुविधाएं किसानों और पशुपालकों के लिए कितनी महत्वपूर्ण हैं।
रिपोर्टर - लखन यादव

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