मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

एटा :  डॉक्टर बनने की राह में केवल किताबों का ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि चिकित्सा विज्ञान की गहरी समझ, शोध के प्रति रुचि और मरीजों तक अपनी बात प्रभावी ढंग से पहुंचाने की क्षमता भी बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से एटा के वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वायत्त राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक गतिविधि आयोजित की गई। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में हुए पोस्टर प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी चिकित्सा संबंधी समझ और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पोस्टरों के माध्यम से समझाए बीमारियों के कारण और उपचार महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह के मार्गदर्शन एवं उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में विषय की गहन समझ विकसित करना और उन्हें चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम जानकारियों से परिचित कराना रहा।विभागाध्यक्ष डॉ. साधना सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों ने स्त्री एवं प्रसूति रोगों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर आकर्षक और ज्ञानवर्धक पोस्टर तैयार किए। इनमें विभिन्न बीमारियों के कारण, लक्षण, जांच की प्रक्रिया और आधुनिक उपचार पद्धतियों को वैज्ञानिक तथ्यों एवं शोध आधारित जानकारियों के साथ प्रस्तुत किया गया।

विद्यार्थियों ने जटिल चिकित्सा विषयों को सरल और प्रभावशाली तरीके से समझाकर अपनी प्रस्तुतीकरण क्षमता का परिचय दिया।  विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पूछे सवाल, परखा विद्यार्थियों का ज्ञान कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश चंद्र, उप मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोनू यादव, डॉ. शिवम यादव, डॉ. अर्चना यादव सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों से उनके पोस्टरों से जुड़े सवाल पूछे।
इस दौरान विद्यार्थियों के विषय ज्ञान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक क्षमता, संवाद कौशल और प्रस्तुतीकरण की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया गया। यह गतिविधि शैक्षणिक प्रगति के आकलन के रूप में भी आयोजित की गई, जिससे विद्यार्थियों को अपनी कमियों को समझने और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिला। प्राचार्य बोले- अच्छे चिकित्सक बनने के लिए किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक समझ भी जरूरी
प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। भविष्य के चिकित्सकों में व्यावहारिक ज्ञान, तार्किक क्षमता, शोध के प्रति रुचि और प्रभावी संवाद कौशल विकसित करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाती हैं और उन्हें भविष्य में कुशल एवं संवेदनशील चिकित्सक बनने के लिए तैयार करती हैं। चिकित्सा शिक्षा में नई पहल, विद्यार्थियों को मिला प्रतिभा दिखाने का अवसर कार्यक्रम में विभाग के समस्त शिक्षक, चिकित्सक और एमबीबीएस विद्यार्थी उपस्थित रहे। पोस्टर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल अपने ज्ञान का प्रदर्शन करने का अवसर मिला, बल्कि विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे संवाद कर अपनी शैक्षणिक प्रगति को समझने का भी मौका मिला। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ।  एटा मेडिकल कॉलेज की यह शैक्षणिक गतिविधि चिकित्सा शिक्षा में किताबी ज्ञान के साथ वैज्ञानिक सोच, शोध और व्यावहारिक दक्षता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रही।

रिपोर्टर : लखन यादव 

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