21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस मनाया जाएगा
जलेसर : संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा घोषित पहले विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर आदर्श इंटर कॉलेज में होगा कार्यक्रम योग प्रशिक्षक अनिल कुशवाहा ने बताया कि विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य और विज्ञान का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है आज के इस दौर में जहां भाग दौड़ भरी जीवन शैली में तनाव तनाव को वैश्विक महामारी बना दिया है उनका कहना था कि ध्यान अब केवल हिमालय की योगिया तक सीमित कोई आध्यात्मिक साधना नहीं बैंक एक स्वच्छ आधारित संज्ञानात्मक चिकित्सा है जैसे ही हम ज्ञान की अवस्था में प्रवेश करते हैं हमारे मस्तिष्क की कार्य प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव आता है आदमी चिकित्सा पद्धति के अनुसार तरंगों का परिवर्तन ध्यान के दौरान मस्त की सक्रिय बीटा तरंगे शांत अल्फा और पिता तरंगों में बदल जाती है यह बदलाव केंद्रीय तंत्र को रिपेयर मोड पर ले जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों और आधुनिक शोधनों को जोड़कर देखें तो 21 दिसंबर का यह वैश्विक अमानत जीवन शैली से जुड़ी बीमारियों जैसे उक्त रक्तचाप अनिंद्र और अवसाद के विरुद्ध एक निवारक कवच की तरह है जिस तरह हम शारीरिक स्वच्छता के लिए स्नान करते हैं इस तरह मानसिक स्वच्छता एवं संज्ञानात्मक पुनर संतुलन के लिए ध्यान अनिवार्य है।
रिपोर्टर : लखन यादव

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