ऊर्जा मंत्री के निर्देश भी बेअसर, वीडियो में हज़ारों रुपये लेते दिखे सुपरवाइजर

एटा - उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के दावों के बीच जलेसर से एक गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है। आरोप है कि बिजली विभाग के दफ्तरों में सीएम योगी और ऊर्जा मंत्री के स्पष्ट आदेशों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। विद्युत विभाग के संविदा कर्मियों ने उर्मिला इंटरनेशनल कंपनी के सुपरवाइजर विजय शर्मा पर जूता-मोजा और ड्रेस के नाम पर प्रति कर्मचारी ₹1,000 की अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह वसूली कथित तौर पर जलेसर एसडीओ कार्यालय के सामने की गई वीडियो में कैद हुई वसूली मामले को और गंभीर बनाते हुए एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सुपरवाइजर विजय शर्मा खुलेआम बिजली विभाग के संविदा कर्मियों से रुपये लेते हुए नजर आ रहे हैं। आरोप है कि यह सब विद्युत निगम के एसडीओ की नाक के नीचे चलता रहा, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है, 110 कर्मचारियों से ₹1.10 लाख वसूली का दावा संविदा कर्मियों ने बताया कि जलेसर डिवीजन के अंतर्गत 8 बिजलीघर आते हैं। इन सभी बिजलीघरों से कार्यरत करीब 110 कर्मचारियों से कुल ₹1 लाख 10 हजार रुपये वसूले गए। कर्मचारियों का आरोप है कि— ना जूते मिले, ना मोजे, ना ड्रेस ₹1,000 वसूलने के बावजूद कोई रसीद या लिखित आदेश नहीं दिया गया विरोध करने पर दबाव और धमकी दी गई एटा-फिरोजाबाद तक फैले नेटवर्क के आरोप संविदा कर्मियों का कहना है कि विजय शर्मा पूरे एटा जिले के सुपरवाइजर हैं और फिरोजाबाद जिले का भी कार्य देखते हैं। दोनों जिलों में महा भ्रष्टाचार चरम सीमा पर होने का आरोप लगाया गया है। कर्मचारियों के अनुसार विजय शर्मा पहले से ही विवादों में चर्चित रहे हैं। हमारे संवाददाता लखन यादव ने एसडीओ से जानकारी की कोशिश की, लेकिन एसडीओ के दोनों मोबाइल नंबर स्विच ऑफ मिले इससे विभागीय निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि सीएम योगी और ऊर्जा मंत्री के आदेशों के बावजूद सामने आए इस मामले में प्रशासन और बिजली विभाग क्या कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

जलेसर में भाकियू भानू का आंदोलन तय, उर्मिला इंटरनेशनल कंपनी पर गंभीर आरोप

जलेसर क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन भानू ने बिजली विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। संगठन का आरोप है कि उर्मिला इंटरनेशनल कंपनी के सुपरवाइजर द्वारा संविदा कर्मियों से खुलेआम रिश्वत वसूली की जा रही है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। भाकियू भानू के पदाधिकारियों का कहना है कि उर्मिला इंटरनेशनल कंपनी के सुपरवाइजर विजय शर्मा पर कर्मियों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप हैं। यह सारा खेल एसडीओ कार्यालय के इर्द-गिर्द चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। संगठन ने इसे सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य बताया है। जिला अध्यक्ष पंकज ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही कंपनी को ब्लैकलिस्ट नहीं किया गया और सुपरवाइजर को बर्खास्त नहीं किया गया, तो भारतीय किसान यूनियन भानू बड़े पैमाने पर आंदोलन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के कुछ अधिकारी और निजी कंपनी के कर्मचारी मिलकर भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। मामले को और गंभीर बनाते हुए संगठन ने बताया कि एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित रूप से खुलेआम रिश्वत लेते हुए दिखाया गया है। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर चुप्पी साधे रहने से आम जनता में रोष बढ़ता जा रहा है। भाकियू भानू ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसानों और संविदा कर्मियों के हक की लड़ाई है, जिसे हर हाल में अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

रिपोर्टर  -  लखन यादव 

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