भारत–अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में भाकियू महासभा का ज्ञापन, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की समस्याएं भी उठाईं

गौतम बुद्ध नगर : भारतीय किसान यूनियन महासभा की  राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता भाटी के नेतृत्व में डीएम मेधा रूपम को  ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में प्रस्तावित भारत–अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करते हुए यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की गई।

संगठन ने कहा कि अमेरिका की सब्सिडी आधारित व पूर्णतः मशीनीकृत कृषि व्यवस्था के कारण यदि सस्ते विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आए तो देश का किसान प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाएगा। इससे गेहूं, मक्का, सोयाबीन व डेयरी क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ज्ञापन में आशंका जताई गई कि ऐसे समझौते से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था, सार्वजनिक खरीद प्रणाली तथा खाद्य आत्मनिर्भरता पर भी संकट खड़ा हो सकता है। साथ ही बहुराष्ट्रीय कंपनियों के पेटेंट बीजों से किसानों की पारंपरिक बीज स्वतंत्रता प्रभावित होने की बात कही गई।
दूसरे मुद्दे के तहत संगठन ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में किसानों की समस्याएं उठाईं। मांग की गई कि बिना वर्तमान आबादी सर्वे के भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया रोकी जाए। भूमिहीन किसानों व मजदूरों को 100 वर्ग मीटर आवासीय भूखंड आवंटित किए जाएं। पुरानी आबादी का निस्तारण प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत किया जाए। स्थानीय किसानों के बच्चों को क्षेत्र में स्थापित कंपनियों में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए तथा शिक्षा संस्थानों में आरक्षण सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा गांवों में खेल मैदान, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी व सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने और पूर्व घोषित विकास कार्यों को तत्काल लागू करने की मांग की गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता भाटी ने कहा कि संगठन किसानों के अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यदि प्रशासन ने शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष दीपक ठाकुर, जिला अध्यक्ष (महिला) मिथलेश सिंह, राष्ट्रीय महासचिव दशरथ सिंह, मीडिया प्रभारी मुजाहिद एडवोकेट सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

रिपोर्टर : लखन यादव 

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