नव संवत्सर का स्वागत, फहराई गई संस्कृति की पताका
एटा : चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा को चारों ओर उमंग और उल्लास के मध्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, संस्कार भारती तथा हिंदूवादियों द्वारा नव संवत्सर का स्वागत किया गया। मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रमों का आयोजन हुआ वहीं इस दौरान संस्कृति की रक्षा के संकल्प के साथ हिंदू समाज को एकजुटता के लिए प्रेरित किया गया।
कैलाश मंदिर की प्राचीर से सूर्य को अर्घ्य देकर किया नव संवत्सर 2083 का स्वागत
नव संवत्सर के अवसर पर संस्कार भारती के तत्वावधान में कैलाश मंदिर पर पहुंच कर सूर्य की प्रथम किरण को अर्घ्य देकर हिन्दू नववर्ष का स्वागत किया एवं एक दूसरे को बधाई दी। इस अवसर पर संस्था के प्रांतीय संरक्षक आचार्य डॉ प्रेमीराम मिश्रा, वीरेंद्र वार्ष्णेय, प्रांत मंत्री मयंक तिवारी, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य प्रदीप सिंह तोमर, जिला संरक्षक अशोक चौहान, अनूप सिंह भावुक, जिला अध्यक्ष डॉ सुधीर पालीवाल, जिला महामंत्री विनय प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष महेश मंजुल, प्रेमबाबू कुशवाहा, डॉ राजेंद्र सिंह चौहान राज, अभिषेक पाराशर, शिव प्रताप सिंह, सुधीर चौहान, विनय गुप्ता, शिखा वार्ष्णेय, लक्ष्मण सिंह चौहान, विजेंद्र तिवारी आदि कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय जागरूक जन समिति द्वारा प्रेम नगर में यज्ञ एवं हवन का आयोजन किया गया। वैदिक यज्ञ में विद्वान आचार्यों द्वारा वेद मंत्रों का उच्चारण किया गया। यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुतियाँ समर्पित कर विश्व कल्याण, राष्ट्र उन्नति एवं समाज में समरसता के लिए प्रार्थना की। समिति के अध्यक्ष एडवोकेट डॉ. राहुल गुप्त ने कहा कि नवसंवत्सर भारतीय संस्कृति का गौरवशाली पर्व है, जो हमें नई ऊर्जा, उत्साह और राष्ट्र निर्माण के संकल्प की प्रेरणा देता है। इस दौरान उपाध्यक्ष कन्हैया लाल शर्मा एड, महामंत्री एड मानवेन्द्र गुप्ता, डॉ. सारिका पुंढ़ीर, हेमलता गुप्ता, राकेश भदौरिया, कुलदीप गुप्ता कुल्लन, मोहित आर्य, नवदीप गुप्ता, आरुषि गुप्ता, मनुदा गुप्ता, लावण्या आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने पथ संचलन निकालकर वर्ष प्रतिपदा का उत्सव मनाया।मुख्य वक्ता राजीव जी ने बोलते हुए कहा कि कहा कि वर्ष प्रतिपदा उत्सव सर्व हिन्दू समाज का उत्सव है जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी अपने छ: उत्सव वर्ष प्रतिपदा, हिंदू साम्राज्य दिवस,गुरु पूर्णिमा,रक्षा बंधन,विजयादशमी,मकर संक्रान्ति में शामिल किया है।चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि हिन्दू समाज में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इसी तिथि को ब्रह्मा जी ने सृष्टि रचना की, प्रभु श्री राम चंद्र जी का राज्याभिषेक हुआ, नवदुर्गा उपासना इसी तिथि प्रारंभ होती है। संघ के स्वयंसेवकों के लिए इस तिथि का महत्व इसलिए भी और बढ़ जाता है क्योंकि इस तिथि को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ केशव बलिराम हेडगवार जी का जन्म हुआ।उन्होंने कहा संघ के कार्यकर्ताओं को संघ का साहित्य अवश्य ही पढ़ना चाहिए जिससे वह जान सकेगा कि संघ व्यक्ति केंद्रित नहीं है इसीलिए संघ की प्रार्थना में भी भारत माता की जय का उद्बोधन हुआ है। महापुरुषों को भगवान बना के पूजना हिंदू समाज के लिए बहुत घातक पद्धति है।श्री राम ने समाज के हर वर्ग का संगठन कर उस समय की असुर शक्ति रावण का संहार किया। इसी से प्रेरणा लेते हुए डॉ हेडगेवार ने भी सर्व साधारण हिंदू समाज को संगठित करने का संकल्प लिया जो आज विश्व के सबसे विशाल संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नाम से हमारे बीच में उपस्थित है।सेवा कार्यों के माध्यम से संघ समाज के हर वर्ग को छू रहा है। संघ का स्वयंसेवक समाज में सेवा का कार्य बिना किसी महत्वकांक्षा के सतत् रूप से कर रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य एकल गीत पंकज, परिचय नगर कार्यवाह आशीष जी, अमृत वचन आंशिक जी, मुख्य शिक्षक अखंड जी, ध्वजारोहण केशव द्वारा किया गया।
इस अवसर पर जिला प्रचारक मदन जी,नगर प्रचारक रविकांत, संजीव, शिवशंकर, चेतन, सचिन जी, शैलेन्द्र, अंकुर, संजीव गोयल, रामबाबू, प्रणव आदि कार्यकर्ता एवं सैकड़ों स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : लखन यादव

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