त्यागपत्र मांगने के आरोप पर डीपीओ ने की स्थिति साफ

एटा :  बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग में हुई सहायिकाओं की नियुक्ति के बाद कुछ चयनित महिलाओं द्वारा त्यागपत्र मांगे जाने के दबाव को लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस तरह के आरोप गुमराह करने वाले भ्रामक हैं। विभाग द्वारा संदिग्ध मामलों में जांच के लिए मूल अभिलेख मांगे जाने की स्थिति में मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे है।
यहां बता दें कि मारहरा तथा सकीट क्षेत्र की नव चयनित सहायिका महिलाओं द्वारा इस तरह के आरोप लगाए गए हैं कि उन पर विभाग के कर्मचारियों द्वारा त्यागपत्र के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार सिंह ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि नियुक्ति प्रक्रिया ऑनलाइन संपन्न हुई थी और इसके बाद उसी के आधार पर चयन किए गए। नियुक्त पत्र दिए जाने के बाद पारदर्शी प्रक्रिया के उद्देश्य से प्रमाण पत्रों की जांच विभागीय स्तर पर की जा रही है जिसमें कुछ चयनित अभ्यार्थियों के दस्तावेजों में खामियां मिल रही है। अभी चयनित महिलाओं की जान चल रही है और किसी भी तरह की कोई कार्यवाही प्रचलित भी नहीं है ऐसे में आरोप पूरी तरह से गलत है। जांच में जो भी संदिग्ध मामले सामने आ रहे हैं उन पर निर्णय विभाग नहीं बल्कि जिला चयन समिति द्वारा किया जाएगा। सभी स्तर पर अभिलेख और शैक्षिक योग्यता सही पाए जाने की स्थिति में ही नियुक्ति को सही मानते हुए मानदेय जारी किया जाएगा।

रिपोर्टर : लखन यादव

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.