टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
एटा : अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में मुख्यालय पर शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री सहित अन्य के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
जिला के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भीषण गर्मी के बावजूद राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के का. जिलाध्यक्ष राजकुमार पाराशर के संयोजन में प्रदर्शन किया। धरना स्थल से मार्च निकालकर सभी शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां एडीएम प्रशासन संगम लाल को प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में शिक्षकों ने टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के भविष्य को लेकर गहरी चिंता और असुरक्षा व्यक्त की। कहा कि 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा जारी टीईटी अधिसूचना, आरटीई एक्ट में 9 अगस्त 2017 को किए गए संशोधन और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के सेवा अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव है। शिक्षक नेताओं ने कहा कि कोई भी नया नियम या पात्रता मानदंड वर्तमान से भविष्य में प्रभावी होता है। पूर्व में विधिवत नियुक्त शिक्षकों पर बाद के मानदंड लागू करना प्राकृतिक न्याय, समानता और विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के विरुद्ध है। इन शिक्षकों ने दशकों से राष्ट्र निर्माण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।मांग की गई 27 जुलाई 2011 से पूर्व उत्तर प्रदेश में नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी मुक्ति दी जाए।
उनकी सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाए।
संसद में आवश्यक विधायी संशोधन या विशेष प्रावधान कर इस वर्ग को स्थायी राहत दी जाए। न्यायपालिका के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन जनहित में नीतिगत और विधायी समाधान लाने का अधिकार संसद व सरकार के पास है। संगठन ने अपील की कि दशकों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव और योगदान को देखते हुए उनके भविष्य को अनिश्चितता में नहीं डाला जाए। उम्मीद जताई सरकार संवेदनशीलता और दूरदर्शिता दिखाते हुए इस मुद्दे का न्यायपूर्ण समाधान निकालेगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और शिक्षकों का मनोबल बना रहे।
इस अवसर पर जिला महामंत्री कुलदीप सिंह, विश्वनाथ सिंह, वीरपाल सिंह जाटव, प्रवीण कुमार फौजी, मुनीष यादव, विवेक कुलश्रेष्ठ, ओमेंद्र सिंह अटेवा, दिनेश कुमार अंतर्यामी, रघुवीर सिंह, संजय सिंह, बिम्बसार बौद्ध, अखंड प्रताप, जितेंद्र वीर सिंह, राधेश्याम यादव,राजीव कुमार, राकेश कुमार, प्रीति वैश, निशा शर्मा, प्रियवंदा, गेंदालाल, जयप्रकाश पचौरी, रामनिवास पाल, आदित्य यादव, मुकेश कुमार, शैलेंद्र कुमार यादव, वीरेंद्र सिंह बाबा, मनोज कुमार, प्रेम किशोर, देवेंद्र यादव, बबीता राठौर, अचला शर्मा, शिवरतन, सत्येंद्र, मदन कुमार, आशु शर्मा, संजीव तिवारी आदि विभिन्न शिक्षक संगठनों के शिक्षक उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : लखन यादव
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