मंत्री रघुराज सिंह ने पौराणिक शिवलिंग का किया विशेष पूजन; अमरनाथ के बर्फानी बाबा की सजी भव्य झांकी

एटा :  श्रावण मास के अंतिम सोमवार को जलेसर तहसील क्षेत्र के पटना पक्षी विहार स्थित सदाशिव ज्योतिर्लिंग महादेव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में शिवभक्तों और कांवड़ियों की भारी भीड़ दिखाई दी। आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। भक्त कतारबद्ध होकर भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

सदाशिव ज्योतिर्लिंग में उमड़ा आस्था का सैलाब, बारिश में भी नहीं थमे शिवभक्तों के कदम

हरिद्वार से कांवड़ में लाए गंगाजल से मध्यरात्रि में हुआ पहला जलाभिषेक,

मंदिर परिसर में चारों ओर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। श्रावण का अंतिम सोमवार होने के कारण शिवभक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार के साथ मंदिर पहुंचे, जबकि कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर सदाशिव ज्योतिर्लिंग पर जल चढ़ाने पहुंचे।

मध्यरात्रि में हुआ पहला जलाभिषेक

श्रावण के अंतिम सोमवार के धार्मिक आयोजन की शुरुआत मध्यरात्रि में ही हो गई थी। गांव जिनावली के शिवभक्त हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर मंदिर पहुंचे। जयपुर के आचार्य अवनीन्द्र की उपस्थिति में मध्यरात्रि में सबसे पहले कांवड़ के गंगाजल से महादेव का जलाभिषेक किया गया।

विधि-विधान से पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर परिसर भक्तों के जयकारों से गूंज उठा। कांवड़ यात्रा पूरी कर मंदिर पहुंचे शिवभक्तों में थकान के बजाय उत्साह नजर आया। श्रद्धालुओं के लिए यह श्रावण मास की धार्मिक साधना का विशेष अवसर रहा।

भीड़ को देखते हुए प्रशासन रहा सतर्क

श्रावण के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क रहा। मंदिर में जलाभिषेक और दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को कतारबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं ने अनुशासन बनाए रखा।

मंदिर समिति के अध्यक्ष ठाकुर भानुप्रताप सिंह के निर्देश पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह भी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं को संभालते रहे। पटना गांव के रुद्रकांत सिंह का भी व्यवस्था में विशेष सहयोग रहा।

वर्षों से सेवा में जुटे हैं सेवक

धार्मिक आयोजन के बीच वर्षों से मंदिर में निस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे सेवकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। जयपुर के आचार्य अवनीन्द्र के अनुसार अलीगढ़ से मुनी पाल, कुसुम पाल, प्रवीण, कुलदीप और प्रेम, टूंडला से योगेश चौधरी तथा जिनावली से शिवम, सोनू, कुलदीप और छोटू लंबे समय से यहां नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं।

इन सेवाभावी लोगों ने धार्मिक आयोजन के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं में भी सहयोग किया।

मंत्री रघुराज सिंह ने किया पौराणिक शिवलिंग का अभिषेक

श्रावण के अंतिम सोमवार का प्रमुख आकर्षण उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री ठाकुर रघुराज सिंह का मंदिर पहुंचना रहा। मंत्री ने शिवभक्तों के बीच उपस्थित रहकर पौराणिक शिवलिंग का विधिवत पूजन और अभिषेक किया।

उन्होंने गंगाजल, केसर, चंदन, अष्टगंध, दूध और दही से महादेव का अभिषेक किया। पूजा के दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते रहे।

इस अवसर पर जयपुर से लाए गए विशेष नवरत्नों से भी आचार्य अवनीन्द्र के सानिध्य में महादेव का अभिषेक कराया गया। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, अभिषेक के बाद नवरत्न वहां उपस्थित भक्तों में वितरित किए गए।

सेवाभावी कार्यकर्ताओं का सम्मान

मंत्री ठाकुर रघुराज सिंह ने मंदिर में शिवभक्तों की सेवा में जुटे कार्यकर्ताओं का रुद्राक्ष की माला पहनाकर सम्मान किया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के बीच रुद्राक्ष भी वितरित किए गए।

आचार्य अवनीन्द्र और सहयोगी रीकू भैया ने मंत्री को पौराणिक शिवलिंग की महिमा और मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के बारे में जानकारी दी।

इस दौरान मंदिर परिसर में लंबे समय से रह रहे संत जसवंत महाराज और गणेशपुर वाले महाराज भी मौजूद रहे।

विशेष अतिथियों को भी किया सम्मानित

आयोजन में वनस्थली विद्यापीठ से आईं डॉ. संतोष सिंह, जयपुर की शिवभक्त उषा सिंह और रजनी गुप्ता को भी मंत्री ठाकुर रघुराज सिंह ने रुद्राक्ष की माला भेंट कर सम्मानित किया।

धार्मिक आयोजन के साथ अतिथियों और सेवाभावी लोगों के सम्मान का सिलसिला भी चलता रहा।

बारिश में भी नहीं टूटी भक्तों की कतार

श्रावण के अंतिम सोमवार की सबसे खास तस्वीर बारिश के बीच देखने को मिली। बारिश में भीगते हुए श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते रहे। महिलाओं के हाथों में पूजा की थाली थी, तो कई भक्त गंगाजल लेकर कतार में खड़े दिखाई दिए।

कांवड़ियों में भी खासा उत्साह रहा। बारिश की बूंदों के बीच जब मंदिर परिसर से हर-हर महादेव का जयघोष गूंजता, तो भक्तों का उत्साह और बढ़ जाता।

शाम को सजी बर्फानी बाबा अमरनाथ की झांकी

दिनभर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के बाद शाम को महाआरती का आयोजन हुआ। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

अलीगढ़ के श्रृंगार विशेषज्ञ नीरज भाई और अवि भाई तथा उपाध्याय बंधुओं के सहयोग से आचार्य अवनीन्द्र के सानिध्य में बर्फानी बाबा अमरनाथ की विशेष झांकी सजाई गई।

झांकी को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। महाआरती के दौरान घंटियों और शंखनाद के साथ हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

आरती के बाद श्रद्धालुओं को बांटे रुद्राक्ष

महाआरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच रुद्राक्ष वितरित किए गए। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व एमएलसी एवं वर्तमान कोऑपरेटिव चेयरमैन प्रत्येंद्र पाल सिंह उर्फ पप्पू भैया, सचिव पम्मी ठाकुर, बाबी भाई और कुंवरपाल आदि ने शिवभक्तों को रुद्राक्ष वितरित किए।

श्रद्धालुओं ने रुद्राक्ष को श्रद्धा के साथ ग्रहण किया।

आस्था और सेवा का दिखा संगम

पटना पक्षी विहार स्थित सदाशिव ज्योतिर्लिंग महादेव मंदिर में श्रावण के अंतिम सोमवार पर आस्था, सेवा और धार्मिक परंपरा का संगम देखने को मिला। एक ओर हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़िए थे, तो दूसरी ओर वर्षों से मंदिर में निस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे सेवक।

मंदिर समिति, कार्यकर्ताओं और प्रशासन की व्यवस्थाओं के बीच श्रद्धालुओं का जलाभिषेक और दर्शन लगातार चलता रहा। बारिश के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई।

मध्यरात्रि में कांवड़ियों के गंगाजल से शुरू हुआ जलाभिषेक दिनभर जारी रहा। मंत्री रघुराज सिंह के विशेष पूजन, नवरत्नों से अभिषेक, कार्यकर्ताओं के सम्मान और शाम को सजी बर्फानी बाबा अमरनाथ की झांकी ने आयोजन को और खास बना दिया।

श्रावण के अंतिम सोमवार को सदाशिव ज्योतिर्लिंग महादेव मंदिर में देर शाम तक शिवभक्तों की आवाजाही बनी रही। बारिश होती रही, कतार बढ़ती रही, लेकिन भक्तों के जयकारे लगातार गूंजते रहे।

हर-हर महादेव... बम-बम भोले!

रिपोर्टर : लखन यादव

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