बचपन की मुसकान और अधिकारों की रक्षा को समर्पित इटावा प्रशासन की पहल

इटावा - बचपन को संवारने और उसकी सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन का संकल्प अब एक मिसाल बनता जा रहा है। जिलाधिकारी इटावा श्री शुभ्रान्त कुमार शुक्ल के कुशल मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में चलाए जा रहे "ऑपरेशन रक्षा" और मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत आज जनपद के बसरेहर क्षेत्र में इंसानियत और कर्तव्यनिष्ठा का अनूठा रूप देखने को मिला। सहायक श्रमायुक्त कुलदीप सिंह के नेतृत्व में श्रम विभाग, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (AHT) पुलिस थाना और चाइल्डलाइन की संयुक्त टीमों ने जब होटलों,ढाबों,दुकानों, बाजारों, मेडिकल स्टोरों और बेकरी प्रतिष्ठानों पर कदम रखे,तो मकसद महज औपचारिकता निभाना नहीं,बल्कि उन मासूम चेहरों पर फिर से खुशियां और उनका हक लौटाना था जो किन्हीं मजबूरियों के साए में अपना बचपन खो रहे हैं। इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान श्रम प्रवर्तन अधिकारी अतुल कुमार श्रीवास्तव, चाइल्डलाइन की टीम और वरिष्ठ सहायक प्रवीण कुमार सहित पूरी प्रशासनिक टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। इन सभी अधिकारियों ने केवल कानूनी सख्ती तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि दुकानदारों और आम जनता के बीच जाकर बेहद आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ संवाद स्थापित किया। सभी दुकानदारों को कड़ाई से सचेत किया गया कि वे अपनी दुकानों या प्रतिष्ठानों पर किसी भी स्थिति में बाल श्रम न कराएं।

अभियान के दौरान अधिकारियों ने समझाया कि कच्ची उम्र किताबों और खेलने-कूदने के लिए होती है, ना कि होटलों के चूल्हों की आग या भिक्षावृत्ति के अंधेरे रास्तों के लिए। अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बच्चे कहीं भी काम न करें, बल्कि स्कूलों में जाकर पूरी लगन से शिक्षा ग्रहण करें, क्योंकि बच्चों के लिए शिक्षा बहुत ज़रूरी है। हर प्रतिष्ठान पर जाकर लोगों को यह एहसास कराया गया कि इन बच्चों का सुरक्षित भविष्य ही हमारे समाज की असल तरक्की है।
शासन के दिशा-निर्देशों और जिला प्रशासन के संकल्प के तहत चलाया जा रहा यह अभियान सिर्फ एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक के भीतर उस मानवीय जिम्मेदारी को जगाने की कोशिश है जो हर बच्चे के अधिकारों की रक्षा कर सके। इटावा पुलिस, श्रम विभाग, चाइल्डलाइन और जिला प्रशासन का यह संयुक्त प्रयास इस बात का प्रमाण है कि जब सब मिलकर जनहित में कदम बढ़ाते हैं, तो व्यवस्था के साथ-साथ समाज की सूरत भी बदल जाती है। बच्चों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए यह अभियान पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर जारी रहेगा।

रिपोर्टर - देवेन्द्र सिंह

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