माता-पिता से बगावत कर बिहार से सीधे इटावा पहुंची थी खुशबू: खाकी के रक्षकों ने ऐसे मिलाया कि आंसुओं के समंदर में लौट आई परिवार की खुशियां!
इटावा - बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से घर की चौखट लांघकर नाराज होकर भागी युवती खुशबू कुमारी जब अचानक उत्तर प्रदेश के इटावा जा पहुंची, तो पीछे परिजनों की सांसें अटक गई थीं। किसी अनहोनी के डर से सहमे माता-पिता की नींद उड़ी हुई थी, लेकिन कहते हैं कि जब कानून और इंसानियत दोनों एक साथ खड़े हों, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में इटावा महिला थाना पुलिस के हाथ जैसे ही इस भटकी हुई बेटी का सुराग लगा, उन्होंने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाल लिया। पुलिस ने कोई कड़ाई दिखाने के बजाय बेहद सूझबूझ और अपनापन दिखाते हुए खुशबू का दिल जीता और उसके घर-परिवार का पता उगलवा लिया। डुमरिया घाट थाना क्षेत्र के बड़हरवा खुर्द निवासी मनोज साहू की यह बेटी आखिरकार पुलिस की तत्परता के चलते सुरक्षित हाथों में आ ही गई।
तुरंत एक्शन लेते हुए पुलिस ने बिहार में उसके परिजनों से संपर्क साधा और कड़ाहन थाना केसरिया निवासी उसके मामा अमित कुमार को इटावा बुलवा लिया। महिला थाने के भीतर जब खुशबू को उसके मामा के सुपुर्द किया गया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। अपनी जिगर के टुकड़े को सकुशल पाकर गदगद हुए परिवार वालों ने एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव और महिला थाना पुलिस की इस दरियादिली की जमकर तारीफ की और दिल से दुआएं दीं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इटावा पुलिस सिर्फ डंडा और कानून नहीं, बल्कि मुसीबत में फंसे हर इंसान के लिए उम्मीद की सबसे मजबूत ढाल है।
रिपोर्टर - देवेन्द्र सिंह
No Previous Comments found.