छोटी-छोटी बातों की दरार, संवाद से फिर बनी रिश्तों की डोर… इटावा पुलिस की ‘नई किरण’ ने 4 परिवारों को बिखरने से बचाया
इटावा : कभी छोटी-सी बात रिश्तों में ऐसी दूरी पैदा कर देती है कि साथ रहने वाले लोग भी एक-दूसरे से दूर होने लगते हैं। लेकिन सही समय पर समझाइश और संवाद की कोशिश कई बार टूटते रिश्तों को फिर जोड़ देती है। इटावा पुलिस के परिवार परामर्श केंद्र/नई किरण कार्यक्रम ने एक बार फिर इसी संवेदनशील पहल की मिसाल पेश की है। मंगलवार को पुलिस ने आपसी बातचीत और समझाइश के जरिए 04 परिवारों के बीच सुलह-समझौता कराकर उन्हें बिखरने से बचा लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक नगर श्रीमती बबीता सिंह के मार्गदर्शन में महिला थाना परिसर स्थित परिवार परामर्श केंद्र में सुनवाई आयोजित की गई। यहां परिवारों से जुड़े विवादों को केवल कानूनी प्रक्रिया के नजरिए से नहीं, बल्कि रिश्तों को बचाने की भावना के साथ समझने और सुलझाने का प्रयास किया गया।
परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों तथा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत की। उनकी समस्याओं को सुना गया और आपसी संवाद के माध्यम से गलतफहमियां दूर करने तथा साथ मिलकर आगे बढ़ने के लिए समझाया गया। समझाइश के बाद चारों परिवारों ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया।
इनमें ममता पत्नी सोनू निवासी उदी, सृष्टि पत्नी मोनू निवासी ग्राम चौभन, डॉली पत्नी आकाश निवासी मुलायम नगर और खुशबू पत्नी अनिल निवासी मालाजनी शामिल हैं।
इस दौरान महिला थाना प्रभारी सुश्री आकांक्षा सिंह, उप निरीक्षक बृजेंद्र बहादुर सिंह सहित महिला आरक्षीगण मौजूद रहे।
इटावा पुलिस की यह पहल सिर्फ चार परिवारों के बीच समझौता कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि रिश्तों में आई दरार को समय रहते संवाद और समझदारी से भरा जा सकता है। पुलिस ने आमजन से अपील की कि छोटी-छोटी बातों को विवाद का रूप देने के बजाय बातचीत और समझदारी से समाधान निकालें, क्योंकि परिवार मजबूत होगा तो समाज भी मजबूत होगा।
रिपोर्टर : देवेन्द्र सिंह

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