इटावा के वीरों का सम्मान! कलेक्ट्रेट में सुनी गई पूर्व सैनिकों की आवाज़, एक ही झटके में दूर हुईं मुश्किलें—देखें कैसे प्रशासन ने दिखाया बड़ा दिल

इटावा :  के माटी के उन जांबाज सपूतों के लिए बुधवार का दिन राहत और उम्मीद की एक नई सुबह लेकर आया, जिन्होंने अपनी जवानी देश की सरहदों की रखवाली में लगा कर दी थी। कलेक्ट्रेट सभागार में जब देश के इन सच्चे प्रहरियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं, तो प्रशासन ने भी पूरी संवेदनशीलता और आत्मीयता के साथ उनकी हर बात को न सिर्फ सुना, बल्कि दिल से गले लगाया।

सिटी मजिस्ट्रेट श्री राजेंद्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में हुई इस 'सैनिक बंधु' की बैठक में वह जज्बा और अपनापन साफ झलक रहा था, जिसका हक हर पूर्व सैनिक और उसका परिवार रखता है। बैठक शुरू होते ही अपनों की तरह शिकायतों का पिटारा खुला और कुल 45 प्रार्थना पत्र सामने आए। इनमें से 10 शिकायतें तो ऐसी थीं, जिनका त्वरित निस्तारण अधिकारियों ने मौके पर ही कर दिया, जिससे वहां मौजूद हर चेहरे पर सुकून भरी राहत देखी गई।
बाकी बचे प्रार्थना पत्रों के लिए भी संबंधित विभागों को एक हफ्ते के भीतर हर हाल में समाधान सुनिश्चित करने के सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल रोहित भटारा ने जब इस पूरी सुखद बानगी की जानकारी दी, तो लगा कि देश के रक्षकों के प्रति हमारी मिट्टी का कर्ज अब भी पूरी शिद्दत से निभाया जा रहा है। बैठक में वरिष्ठ लिपिक कुंवर पाल सिंह, बलराम सिंह, गिरीश बाबू, विवेक कुमार और करीब 50 पूर्व सैनिकों ने जिस जोश और उत्साह के साथ हिस्सा लिया, उसने यह बता दिया कि राष्ट्र सेवा करने वाले ये वीर भले ही वर्दी उतार चुके हों, लेकिन उनका हौसला आज भी बुलंद है। अंत में जब अध्यक्ष महोदय ने सभी का आभार जताते हुए बैठक का समापन किया, तो हर दिल में एक ही अहसास था—हमारे वीर अकेले नहीं हैं, पूरा प्रशासन और देश उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ा है!

रिपोर्टर : देवेन्द्र 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.