इटावा पुलिस का 'ऑपरेशन मुस्कान': खेल-खेल में बिछड़े मासूम के लिए देवदूत बनी बलरई पुलिस, 2 घंटे में लौटा दी घर की रौनक

इटावा : इटावा  में भक्ति और भय का वो मंजर देखने को मिला जिसने सबकी सांसें अटका दी थीं। ब्रह्माणी देवी मंदिर परिसर, जहां आस्था का सैलाब था, वहीं अचानक एक पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई जब उसे पता चला कि उसका ढाई साल का मासूम बेटा तेज प्रताप सिंह अब वहां नहीं है। ग्राम खेड़ा बुजुर्ग निवासी राहुल की आंखों के सामने अंधेरा छा गया और देखते ही देखते मंदिर के जयकारों की जगह चीख-पुकार ने ले ली। लेकिन इस खौफनाक सन्नाटे के बीच थाना बलरई की पुलिस किसी देवदूत की तरह मैदान में उतरी। थानाध्यक्ष श्री कृपाल सिंह और उनकी टीम ने जैसे ही मोर्चा संभाला, 'ऑपरेशन मुस्कान' महज़ एक सरकारी अभियान नहीं बल्कि एक मासूम की जिंदगी बचाने की जंग बन गया।

तलाश शुरू हुई तो कहानी में एक ऐसा मोड़ आया जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। मासूम बच्चा खेलते-खेलते और नींद के आगोश में अनजाने में एक ऐसी ट्रैक्टर-ट्रॉली पर जा सोया जो उसकी अपनी नहीं थी। वो ट्रॉली मंदिर से रवाना हुई और उसके साथ ही वो नन्हा सा बच्चा भी अपने परिवार से दूर निकल गया। ये खबर मिलते ही पुलिस की धड़कनें और तेज हो गईं, क्योंकि समय रेत की तरह हाथ से फिसल रहा था। लेकिन खाकी के जुनून और सटीक घेराबंदी ने हार नहीं मानी। पुलिस की गाड़ियों के सायरन और टीम की फुर्ती ने महज दो घंटे के भीतर उस ट्रैक्टर-ट्रॉली को ढूंढ निकाला और मासूम को सुरक्षित अपनी गोद में ले लिया।
जब बलरई पुलिस उस नन्हे तेज प्रताप को लेकर वापस लौटी, तो मंजर देखने लायक था। रोते-बिलखते माता-पिता के चेहरे पर जो राहत और खुशी दिखी, उसने साबित कर दिया कि इटावा पुलिस की मुस्तैदी किसी ढाल से कम नहीं है। एसएसपी इटावा श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव के कुशल निर्देशन में महज 120 मिनट के भीतर इस 'ऑपरेशन मुस्कान' ने एक उजड़ते हुए परिवार को फिर से बसा दिया। परिजनों की आंखों से बहते खुशी के आंसू और पुलिस के प्रति उनका आभार आज पूरे जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है। वाकई, पुलिस की इस जांबाजी ने आज ये एहसास दिला दिया कि संकट चाहे कितना भी बड़ा हो, सुरक्षा का हाथ हमेशा उनके साथ है।

रिपोर्टर : देवेन्द्र सिंह

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.