विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया
इटावा : विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसमें "बड़े बच गए और छोटे नप गए" वाली कहावत चरितार्थ हुई है।
क्या है पूरा मामला
भरथना तहसील में एक युवक का बिजली का बिल 1 लाख रुपये से ऊपर आ गया था। बिल ठीक कराने के लिए वह युवक लगातार विद्युत कार्यालय के चक्कर लगाता रहा। था पीड़ित एसडीओ साहब समेत सभी जिम्मेदार अधिकारियों के पास गया, लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हुई।
अधिकारियों की अनदेखी से परेशान युवक को अंततः हार्ट अटैक आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मामला उजागर होने पर हुई कार्रवाई
युवक की मौत के बाद मामला जब प्रकाश में आया तो विभाग में हड़कंप मच गया। इस मामले में जब विभाग द्वारा जांच कराई गई तो तीन अधिकारियों-कर्मचारियों को दोषी माना गया। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए * मीटर विभाग के जेई और TG-2 को सस्पेंड* कर दिया, जबकि मीटर विभाग के AE को सुरक्षित बचा लिया गया इससे प्रतीत होता है कि एक अधिकारी दूसरे अधिकारी को बचाने की कोशिश कर रहे है।
जब इस संबंध में AE मीटर के बारे में पूछा गया कि इन पर क्या कार्यवाही हुई है तो उन्होंने बताया कि "यह प्रकरण मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है । मैंने इस प्रकरण को चीफ साहब को भेज दिया था, अब आगे वहीं से कार्रवाई होगी।"
मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में विभाग की इस कार्रवाई को लेकर रोष है। लोगों का कहना है कि बड़े अधिकारियों को बचाकर छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराई गई है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
रिपोर्टर : विशाल कुमार सक्सेना

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