खाकी जब थामा हर नारी का हाथ, तो सुरक्षा और सम्मान की हुई नई शुरुआत!
इटावा : इटावा से आज एक ऐसी खबर आ रही है जो हर दिल में जोश भर देगी और आँखों को गर्व से नम कर देगी! उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी के सपनों को साकार करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव के कुशल निर्देशन में थाना प्रभारी वैदपुरा श्री नागेंद्र चौधरी और उनकी टीम ने जमीन पर वो कर दिखाया है, जिसकी गूंज आज पूरे इलाके में है। 'मिशन शक्ति फेज-5' के दूसरे चरण के तहत वैदपुरा पुलिस का एक ऐसा रूप देखने को मिला, जिसने जनता का दिल जीत लिया। यह कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इटावा पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा और सम्मान का यह महा-अभियान बिना थमे, बिना रुके, हर दिन लगातार चलाया जा रहा है!
आज जब थाना प्रभारी नागेंद्र चौधरी के नेतृत्व में वैदपुरा पुलिस की जांबाज टीम पूरी संवेदनशीलता के साथ सीधे क्षेत्र की माताओं, बहनों और बेटियों के बीच पहुँची, तो वहाँ का नज़ारा बेहद भावुक और रोमांच से भर देने वाला था। खाकी और अपने थानेदार को अपने इतने करीब पाकर महिलाओं का हौसला सातवें आसमान पर पहुँच गया। पुलिस टीम ने साफ कर दिया कि अब हमारी बहन-बेटियाँ खुद को अकेला समझने की भूल बिल्कुल न करें, क्योंकि खाकी चौबीसों घंटे उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
इस रोमांचक अभियान के दौरान पुलिस टीम ने महिलाओं को सुरक्षा के वो 'महामंत्र' सौंपे, जो संकट के समय उनके सबसे बड़े रक्षक बनेंगे। महिलाओं के बीच पहुँचकर उन्हें उन जादुई हेल्पलाइन नंबरों की ताकत का अहसास कराया गया, जिनमें पुलिस आपातकालीन सेवा 112, वूमेन पावर लाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, वीमेन हेल्पलाइन 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और स्वास्थ्य सेवा 102 व 108 शामिल हैं।
बात सिर्फ सड़कों की सुरक्षा की नहीं थी, डिजिटल दुनिया के खतरों से आगाह करने के लिए पुलिस ने साइबर सुरक्षा का ऐसा चक्रव्यूह समझाया कि सब दंग रह गए। थाना प्रभारी नागेंद्र चौधरी की मौजूदगी में टीम ने सीधे शब्दों में समझाया कि आज के दौर में सोशल मीडिया और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान कैसे सतर्क रहना है। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी न दें और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें। अगर कोई गड़बड़ी हो, तो तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
कार्यक्रम के अंत में जब उपस्थित महिलाओं को सुरक्षा के उपायों से भरे पम्पलेट बांटे गए, तो उनके चेहरों की चमक और तालियों की गड़गड़ाहट ने बता दिया कि यह अभियान कितना कामयाब रहा है। इटावा पुलिस का यह सुरक्षा यज्ञ लगातार जारी है और तब तक जारी रहेगा, जब तक समाज की आखिरी बेटी भी पूरी तरह आत्मनिर्भर और सुरक्षित महसूस न करने लगे!
रिपोर्टर : देवेन्द्र सिंह
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