इटावा पुलिस का 'ऑपरेशन बचपन': 4 मासूमों को बालश्रम से मुक्त कराकर दिलाई नई जिंदगी
इटावा : आज प्रशासन ने एक ऐसी मानवीय मिसाल पेश की है, जिसे देखकर शहर का हर नागरिक गौरवान्वित है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा, श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव के सख्त मार्गदर्शन और दृढ़ इरादों के साथ, पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर चार मासूमों का सफल रेस्क्यू किया है। एएचटी (AHT) पुलिस की टीम ने जब भरथना के विभिन्न प्रतिष्ठानों, होटलों, गैराजों और ईंट-भट्टों पर दबिश दी, जहाँ इन बच्चों को काम के बोझ में जकड़ा गया था, तो स्थिति अत्यंत चिंताजनक थी।
अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) की सीधी निगरानी और क्षेत्राधिकारी (लाइन) के नेतृत्व में, पुलिस के दस्ते ने नायब तहसीलदार भरथना, श्रम विभाग की टीम और चाइल्ड हेल्पलाइन के साथ मिलकर जो संयुक्त अभियान चलाया, वह महज एक कार्रवाई नहीं, बल्कि चार बच्चों के खोए हुए बचपन को वापस लाने की एक सफल मुहिम थी। जैसे ही पुलिस ने इन नन्हे बच्चों को शोषण के माहौल से आजाद कराया, तो उनकी आंखों में आई चमक ने प्रशासन की इस बड़ी सफलता को बयां कर दिया।
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर 01 जुलाई से 31 अगस्त तक चल रहे इस विशेष अभियान के तहत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में एएचटी पुलिस अब उन लोगों के लिए सख्त सबक बन गई है, जो बालश्रम और मानव तस्करी के जरिए बच्चों का भविष्य तबाह कर रहे थे। आज न केवल ये बच्चे सुरक्षित हाथों में हैं, बल्कि उनके शैक्षिक और आर्थिक पुनर्वास के लिए प्रशासन ने एक मजबूत आधार तैयार कर दिया है। इटावा पुलिस की इस शानदार और संवेदनशील पहल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बालश्रम के विरुद्ध यह जंग निरंतर जारी रहेगी और हर मासूम के चेहरे पर मुस्कान लौटाना ही इटावा पुलिस का संकल्प है।
रिपोर्टर : देवेन्द्र सिंह
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