इटावा पुलिस की पहल से महकी पुलिस लाइन, 'एक पेड़ माँ के नाम' से संवारा प्रकृति का आँगन

इटावा : आज 12 जुलाई 2026 का दिन इटावा पुलिस लाइन के लिए एक यादगार और हरित संकल्प का साक्षी बना। जब प्रकृति के प्रति आत्मीयता और मातृत्व के प्रति कृतज्ञता एक साथ मिलीं, तो इटावा पुलिस परिसर 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान की खुशबू से सराबोर हो उठा। इस गौरवमयी अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव की धर्मपत्नी एवं 'वामा सारथी' की अध्यक्षा श्रीमती रीना श्रीवास्तव के सानिध्य में एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने हर किसी के मन में पर्यावरण संरक्षण की एक नई अलख जगा दी।

पुलिस लाइन का प्रांगण उस समय भावुक और उत्साही क्षणों का गवाह बना, जब पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, उनके परिवारों और नन्हें-मुन्नों ने अपनी माँ के सम्मान में एक-एक पौधा रोपित किया। यह महज मिट्टी में पौधे लगाने की रस्म नहीं थी, बल्कि अपनी माँ के प्रति प्रेम को प्रकृति के साथ जोड़ने का एक पावन अनुष्ठान था। हर पौधा, हर पत्ता उस अटूट ममता की याद दिला रहा था, जो हमें जीवन देती है और जिसे सहेजना अब हमारी प्राथमिकता है।
श्रीमती रीना श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के दौरान आत्मीयता से भरते हुए कहा, "माँ का ऋण कोई नहीं चुका सकता, लेकिन माँ के नाम पर एक पौधा लगाकर हम आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य का उपहार तो दे ही सकते हैं।" उनकी यह बात उपस्थित जनसमूह के दिलों को छू गई। कार्यक्रम में उत्साह का आलम यह था कि पुलिस परिवार के बच्चों में अपने हाथों से पौधे लगाने की होड़ सी मची थी, मानो वे खुद भी पर्यावरण रक्षक बनने की शपथ ले रहे हों।
इटावा पुलिस की यह पहल केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का एक ऐसा जज्बा है जो आने वाले समय में एक हरित क्रांति की नींव बनेगा। यह संदेश स्पष्ट है—यदि हम अपनी माँ से प्रेम करते हैं, तो हमें उस धरती माँ से भी प्रेम करना होगा जिसने हमें जन्म दिया है। आज इटावा पुलिस लाइन के हर कोने में लगाए गए ये पौधे आने वाले समय में न केवल छाया देंगे, बल्कि माँ की ममता की तरह हमारे पर्यावरण की रक्षा करते हुए हरियाली का अनमोल खजाना बिखेरेंगे। इस शानदार पहल ने साबित कर दिया है कि इटावा पुलिस सुरक्षा के साथ-साथ प्रकृति के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी को निभाने में सदैव तत्पर है।

रिपोर्टर : देवेन्द्र सिंह

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