इटावा में सरकारी नौकरी का ‘सपना’ दिखाकर लाखों की ठगी! फर्जी नियुक्ति पत्र और सरकारी मोहरों के साथ साइबर ठग गिरफ्तार
इटावा। सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे युवाओं को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले शातिर साइबर ठग को इटावा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी उत्तर प्रदेश पुलिस, होमगार्ड, रेलवे पुलिस, एसजीपीजीआईएमएस लखनऊ में फार्मासिस्ट और भारतीय सेना में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लोगों से रुपये ऐंठता था। भरोसा जीतने के लिए वह फर्जी नियुक्ति पत्र और सरकारी विभागों की नकली मोहरों का इस्तेमाल करता था।
मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री श्रीश्चन्द्र के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी भरथना श्री रामदवन के नेतृत्व में साइबर सेल इटावा व थाना ऊसराहार प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र कुमार मिश्रा की टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एसजीपीजीआईएमएस लखनऊ में फार्मासिस्ट की नौकरी लगवाने के नाम पर एक व्यक्ति से करीब दो लाख रुपये एडवांस लिए थे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश पुलिस और होमगार्ड में भर्ती कराने के नाम पर भी अन्य लोगों से रकम लेने का आरोप है।
जब पीड़ितों ने नौकरी के बारे में पूछा तो आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज भेज दिए। इन पर फर्जी हस्ताक्षर और सरकारी मोहर का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस टीम ने 14 सितंबर को भर्थिया अंडरपास के पास चेकिंग के दौरान आरोपी नवल किशोर को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एसजीपीजीआईएमएस लखनऊ और उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की फर्जी मोहरें, फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, होमगार्ड परीक्षा के कूटरचित दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल, सिम कार्ड, अपाचे मोटरसाइकिल और 10 हजार रुपये नकद बरामद हुए।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने भर्ती के नाम पर लोगों से रुपये लेने और फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देने की बात बताई है। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ कन्नौज के थाना सौरिख में भी धोखाधड़ी समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्टर - देवेन्द्र सिंह
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