हर छोटी कोशिश मायने रखती है
पानीपत गाँव में सीमा नाम की एक छोटी लड़की रहती थी। सीमा रोज़ स्कूल जाती थी, लेकिन उसे यह देखकर दुख होता था कि गाँव की नदी और उसके किनारे कचरे से भरे हुए थे। प्लास्टिक की थैलियाँ, बोतलें, और पुराने कागज़ हर जगह फैले थे।
एक दिन सीमा ने सोचा, “अगर मैं हर रोज़ थोड़ा सा साफ करूँ, तो शायद कोई फर्क पड़ सके।” उसने छोटी झाड़ू और डस्टबिन लेकर नदी के किनारे कचरा साफ करना शुरू किया। गाँव के लोग उसे देखकर हँसते थे। कुछ लोग कहते, “इतना छोटा बच्चा क्या कर पाएगी?”
लेकिन सीमा ने हार नहीं मानी। वह रोज़ स्कूल से लौटकर नदी के किनारे कचरा इकट्ठा करती और साफ-सफाई करती। धीरे-धीरे कुछ बच्चे और बुज़ुर्ग भी उसके पीछे-पीछे आने लगे। उन्होंने देखा कि जगह साफ होने लगी है और हवा भी साफ लग रही थी।
कुछ महीनों में, पूरा गाँव सिमा की प्रेरणा से साफ-सुथरा बन गया। लोग अब जागरूक हो गए और कचरा सही जगह फेंकने लगे। सीमा की छोटी सी कोशिश ने पूरे गाँव में बड़ा बदलाव ला दिया।
नैतिक शिक्षा:
छोटा प्रयास भी बड़ा बदलाव ला सकता है। अगर हम सही दिशा में लगातार कदम बढ़ाएँ, तो हमारी आदतें और मेहनत दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकती हैं।


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